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राजस्थान के सुंदर का कीर्तिमान, जीता कांस्य पदक, जानें कामयाबी का सफर

करौली के टोडाभीम के देवलेन निवासी पैरालंपिक खिलाड़ी सुंदर गुर्जर ने जापान के टोक्यो में 64.01 मीटर जैवलिन थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया है। सुंदर गुर्जर की इस सफलता से परिजन और गांव में खुशी का माहौल है।

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Sundar Singh Gurjar for winning bronze medal at Tokyo Paralympics

करौली। करौली के टोडाभीम के देवलेन निवासी पैरालंपिक खिलाड़ी सुंदर गुर्जर ने जापान के टोक्यो में 64.01 मीटर जैवलिन थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया है। सुंदर गुर्जर की इस सफलता से परिजन और गांव में खुशी का माहौल है। सुंदर गुर्जर के परिजनों ने एक दूसरे को मिठाई बांटकर कांस्य पदक जीतने पर बधाइयां दी और पटाखे चलाकर खुशी का इजहार किया। सुंदर गुर्जर के पिता ने कहा कि सुंदर ने मेहनत तो गोल्ड मेडल के लिए की थी लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। लेकिन कांस्य पदक जीतकर सुंदर ने देश का नाम रोशन किया है।

सुन्दर गुर्जर 2015 तक सामान्य वर्ग की प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेते थे, लेकिन एक दुर्घटना में उनके बाएं हाथ की कलाई कट गई। जिसके बाद से गुर्जर अब एफ-46 भाला फेंक श्रेणी में भाग लेते हैं। खेल में विश्व रिकॉर्ड 63.97 मीटर था, लेकिन प्रशिक्षण में उनका 68-70 मीटर के बीच स्कोर रहा है। उन्होंने 16 वीं सीनियर नेशनल पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप के दौरान 68.42 मीटर भाला फेंक कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। सुन्दर गुर्जर ने आखिरी प्रतियोगिता 2019 में दुबई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लिया था।

जहां उन्होंने टोक्यो 2021 के लिए टिकट कटाया था। साल 2016 में वह दुर्भाग्य शाली रहे जब ओलंपिक से कॉल रूम में लेट एंट्री के चलते बाहर हो गए थे। सुंदर गुर्जर को रियो ओलंपिक में टॉप करने के बावजूद बिना मेडल के ही घर जाना पड़ा था। उन्होंने अनाउंसमेंट कॉल सुनने में 52 सेकंड देर कर दी थी। इस कारण उन्हें इवेंट से डिस्क्वालिफाई घोषित कर दिया गया था। कांस्य पदक जीतने के बाद सुंदर गुर्जर ने इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र किया। साथ हीं इस सफलता के लिए अपने माता पिता, कोच, देशवासियों और प्रधानमंत्री को श्रेय दिया।

रियो में हुई घटना के बाद भी सुंदर के कदम नहीं डगमगाए। इसके अगले वर्ष लंदन में हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जैवलिन थ्रो एफ-46 में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। सुंदर ने इस दौरान 60.36 मीटर के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। वर्ष 2019 में दुबई में हुई वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीता। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार की ओर से अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा एशियन पैरा गेम्स में सिल्वर एवं ब्रॉंज मेडल जीत चुके हैं। 2018 में सुंदर गुर्जर महाराणा प्रताप पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके है।