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एससी/एसटी एक्ट काे लेकर सुप्रीम काेर्ट का बड़ा फैसला, राेक लगाने से किया इनकार

सुप्रीम काेर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के अपने फैसले पर तुरंत राेक लगाने से इनकार कर दिया है।

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जयपुर। सोमवार को भारत बंद के दौरान हुए बवाल के बाद मंगलवार काे प्रदेश में कर्इ जगह फिर बिगड़े हालाताें के बीच एक बड़ी खबर आर्इ है।

सुप्रीम काेर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के अपने फैसले पर तुरंत राेक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि किसी बेगुनाह हाे सजा नहीं मिलनी चाहिए।

अदालत ने कहा कि वो इस आदेश पर स्टे जारी नहीं करेगी बल्कि दस दिनों बाद मामले की फिर सुनावाई करेगी। इसके लिए कोर्ट की तरफ से सभी पार्टियों से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

इससे पहले अटॉर्नी जनरल की जिरह सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कानून के खिलाफ नहीं है, लेकिन चाहते हैं कि निर्दोषों को सजा नहीं मिले।

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आपकाे बता दें कि केंद्र सरकार ने साेमवार काे एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समीक्षा याचिका लगाई थी। एससी/एसटी एक्‍ट के संबंध में पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ सोमवार को केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सरकार कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं थी। इसलिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई है। केंद्रीय कानून मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार और एनडीए सरकार दलितों के समर्थन में हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सबसे अधिक दलित विधायक और सांसद भाजपा के हैं। देश के प्रतिष्ठित नेता को राष्‍ट्रपति भी भाजपा की मोदी सरकार ने ही बनाया है। सरकार ने पुनर्विचार याचिका में कहा था कि एससी-एसटी के कथित उत्पीड़न को लेकर तुरंत होने वाली गिरफ्तारी और मामले दर्ज किए जाने को प्रतिबंधित करने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश इस कानून को कमजोर करेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हम सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दाखिल कर चुके है। मैं सभी राजनीतिक दलों और समूहों से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और हिंसा को बढ़ावा न दें। मालूम हाे कि एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और समूहों ने शीर्ष अदालत के फैसले का विरोध करने के लिए 2 अप्रैल सोमवार को भारत बंद का ऐलान किया था। इस दाैरान हिंसक प्राेटेस्ट में राजस्थान में एक शख्स समेत कुल 10 लाेगाें की माैत हाे गर्इ थी। हालात काबू में करने के लिए देश सहित राजस्थान में कुछ जगहाें पर कर्फ्यू लगाना पड़ा।