23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुप्रीम कोर्ट जज के बेटे को पहले पैनल लॉयर बनाया, फिर लिटिगेशन पॉलिसी बदली और अब एएजी

Supreme Court: अब ताजा विवाद सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के बेटे पदमेश मिश्रा को 5 साल का वकालत अनुभव होने के बावजूद दिल्ली में अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाने को लेकर पैदा हुआ है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Alfiya Khan

Aug 26, 2024

जयपुर. राज्य सरकार की पैरवी के लिए अधिवक्ताओं की नियुक्ति को लेकर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा। पहले विधि मंत्री जोगाराम पटेल के बेटे मनीष को अतिरिक्त महाधिवक्ता को बनाया, उसके बाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने अधिवक्ता ब्रह्मानंद सांदू को जयपुर में राजकीय अधिवक्ता बनाने के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब ताजा विवाद सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के बेटे पदमेश मिश्रा को 5 साल का वकालत अनुभव होने के बावजूद दिल्ली में अतिरिक्त महाधिवक्ता बनाने को लेकर पैदा हुआ है। मिश्रा की नियुक्ति से पहले प्रदेश की लिटिगेशन पॉलिसी को भी बदला गया। इससे पहले भाजपा से जुडे़ कुछ अधिवक्ता राज्य सरकार पर पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप भी लगा चुके हैं।

मनीष पटेल ने जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जोधपुर यात्रा से पहले अतिरिक्त महाधिवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया, वहीं 23 अगस्त को प्रदेश की लिटिगेशन पॉलिसी में अनुभव के बजाय विशेषज्ञता के आधार पर किसी भी स्तर का अधिवक्ता नियुक्त करने का प्रावधान जोड़ दिया। 23 अगस्त को ही राज्य सरकार ने पांच साल का अनुभव होने के बावजूद पदमेश मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता बना दिया, इससे पहले मिश्रा को राज्य सरकार ने 20 अगस्त को ही पैनल लॉयर नियुक्त किया था। मिश्रा इसी साल मार्च में केन्द्र सरकार की पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त किए गए।

सांदू का मामला 4 माह से अटका

ब्रह्मानंद सांदू को राजकीय अधिवक्ता बनाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को हाईकोर्ट की पूर्णपीठ ने इसी साल अप्रेल माह में मंजूरी दी। इसके बाद राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया। सांदू इससे पहले भी राजकीय अधिवक्ता रह चुके हैं और वे एक मामले में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेन्द्र मोदी की ओर से भी राजस्थान हाईकोर्ट में पैरवी कर चुके हैं।

राज्य सरकार ने शिवमंगल शर्मा को पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त कर दिया। वे पहले भी अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए 20 अगस्त को सरकार ने संस्कृति पाठक को भी अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त कर दिया और उसी दिन राजन कुमार चौरसिया व पदमेश मिश्रा को पैनल लॉयर बनाया गया। राज्य सरकार ने अब मिश्रा को भी अतिरिक्त महाधिवक्ता बना दिया है।

यह भी पढ़ें : देशभर में जोधपुर एम्स बन रहा स्टूडेंट्स की पहली पसंद