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वादा तेरा वादा – सुषमा दी के सहयोग से पाकिस्तानी लड़की मशाल को मिली मेडिकल की सीट

पाकिस्तानियों के अत्याचार से तंग आकर इंडिया आई मशाल माहेश्वरी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज को ट्विट कर मेडिकल में प्रवेश दिलाने की गुजारिश की थी। उनके सहयोग से जयपुर के सवाई मानसिंह कॉलेज में प्रवेश मिलने के बाद मशाल अब खुश है। 

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Dhirendra Kumar Mishra

Oct 06, 2016

pakistani girl gets medical seats

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जयपुर. सोशल मीडिया के माध्यम से दूसरों की सहायता करने के लिए चर्चित विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एक बार फिर अपना वादा पूरा करते हुए एक पाकिस्तानी लड़की मशाल माहेश्वरी को मेडिकल की सीट दिलाने में मदद की है। उनकी मदद से मशाल को जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में 22 सितंबर को प्रवेश मिल गया है।












सुषमा दी काहमेशा आभारी रहूंगी
प्रवेश मिलने के बाद 18 वर्षीय मशाल माहेश्वरी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि सुषमा स्वराज जी की वजह से मेरा सपना साकार हुआ हैं। मैं, उन्हें धन्यवाद देती हूं और हमेशा उनकी आभारी रहूंगी। उसने कहा कि मेडिकल पास करने के बाद मैं हमेशा भारत में रहूंगा और लोगों की सेवा करती रहूंगी। माहेश्वरी ने बारहवीं की परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक हासिल किया था, लेकिन वह कॉमन एंट्रांस टेस्ट मेडिकल (नीट) में पाकिस्तानी राष्ट्रीयता के कारण शामिल नहीं हो पाई थी। उसने केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी को 29 मई को इस बाबत ट्विट किया था। उन्होंने इसका तत्काल अपने जवाब में मशाल को मेडिकल में प्रवेश दिलाने वादा किया था।





कॉलेज प्रिंसिपल ने की एडमिशन की पुष्टि
जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के कंट्रोलर और प्रिंसिपल डा. यूएस अग्रवाल ने एसएमएस कॉलेज में मशाल के प्रवेश की पुष्टि कर दी है। लेकिन उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि माहेश्वरी को किस श्रेणी के तहत प्रवेश दिया गया है।





राजस्थान और गुजरात में पढऩे की जताई थी इच्छा
मशाल माहेश्वरी को कर्नाटक में मेडिकल में प्रवेश के लिए एक सीट ऑफर किया गया था, लेकिन उसने आग्रह किया था कि उसे गुजरात या राजस्थान में प्रवेश दिया जाए। ताकि मुझे परिवार का भी सपोर्ट मिल सके। वह न्यूरोलॉजिस्ट या कार्डियोलॉस्ट बनना चाहती है। उनके अभिभावक पाकिस्तान के लियाकत यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंस से शिक्षित हैं। वर्तमान में वह जयपुर के एक निजी हॉस्पिटल में मेडिकल कंसलटैंट के रूप में कार्यरत हैं लेकिन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से परमिशन मिलने तक उन्हें प्रैक्टिस करने से मना कर दिया गया है। माहेश्वरी के परिवार को आशा है कि उन्हें जल्द ही भारतीय नागरिकता मिल जाएगी।