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सरदारशहर उपचुनावः वसुंधरा राजे के दौरे पर सस्पेंस, स्टार प्रचारक के बावजूद पूर्व में हुए उपचुनावों से बनाई थी दूरी

पूर्व में हुए 7 उपचुनावों में भी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे नहीं जा पाई थी प्रचार के लिए, मंडावा, खींवसर, सुजानगढ़ सहाड़ा, राजसमंद, वल्लभ नगर, धरियावद उपचुनाव से बनाई थी दूरी

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जयपुर।कांग्रेस के दिवंगत विधायक भंवर लाल शर्मा के निधन से रिक्त हुई सरदार शहर सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए भाजपा-कांग्रेस ने अपने-अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। 21 नवंबर को नाम वापसी के बाद चुनाव प्रचार आप परवान चढ़ेगा लेकिन इस बार भी सभी की निगाहें पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे पर रहेगी।

भाजपा के सियासी गलियारों में भी चर्चा इस बात की है कि पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की स्टार प्रचारक वसुंधरा राजे सरदारशहर उपचुनाव में प्रचार के लिए जाएंगी या फिर नहीं, क्योंकि पूर्व में भी कई उपचुनावों में वसुंधरा राजे प्रचार के लिए नहीं जा पाई थीं। ऐसे में वसुंधरा राजे के सरदारशहर उपचुनाव में जाने को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वसुंधरा राजे खेमे से जुड़े नेताओं ने भी फिलहाल उनके दौरे को लेकर चुप्पी साध रखी है।

सात उपचुनावों से राजे ने बनाई थी दूरी
दरअसल गहलोत सरकार बनने के बाद अक्टूबर 2019 से लेकर अब तक 7 उपचुनाव हो चुके हैं लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सीतों उपचुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करने नहीं पहुंची थी जबकि पार्टी की ओर से उन्हें सभी उपचुनावों में स्टार प्रचारक बनाया गया था।

हालांकि इसके पीछे वजह यह बताई गई थी कि वसुंधरा राजे पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, ऐसे उपचुनावों में उनकी भूमिका सीमित ही है। पूर्व में हुए खींवसर, मंडावा, सुजानगढ़, सहाड़ा, राजसमंद, धरियावद, वल्लभनगर उपचुनाव में वसुंधरा राजे प्रचार के लिए नहीं पहुंची थी जबकि उनके भतीजे और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहाड़ा उपचुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार करने आए थे।

नाराजगी भी बड़ी वजह
वहीं चर्चा यह भी थी कि पूर्व में हुए कई उपचुनावों में वसुंधरा राजे की दूरी की एक वजह यह भी है कि राजसमंद को छोड़कर सभी उपचुनावों में प्रत्याशी चयन में वसुंधरा राजे कैंप की नहीं चली थी और उनकी पसंद के नेताओं को टिकट नहीं दिए गए थे जिससे भी वसुंधरा राजे अंदर खाने पार्टी से नाराज थी।

वसुंधरा राजे की नाराजगी का हुआ था नुकसान
वहीं पार्टी में चर्चा यह भी है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नाराजगी का नुकसान पार्टी को उपचुनाव में उठाना पड़ा था, पूर्व में हुए 7 उपचुनावों में से केवल राजसमंद सीट पर ही बीजेपी को जीत मिल पाई थी जबकि 6 उपचुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था जबकि मंडावाऔर धरियावद सीट पर साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

वीडियो देखेंः- Vasundhara Raje Birthday : वसुंधरा राजे के शक्ति प्रदर्शन के मायने क्या...?