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चाय उद्योग को मदद की दरकार, लाखों लोगों को मिल सकता है रोजगार

चाय उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह क्षेत्र गंभीर संकट से जूझ रहा है और वित्तीय पैकेज के बिना इसको आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखना मुश्किल है।

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चाय उद्योग को मदद की दरकार, लाखों लोगों को मिल सकता है रोजगार

चाय उद्योग को मदद की दरकार, लाखों लोगों को मिल सकता है रोजगार

चाय उद्योग के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह क्षेत्र गंभीर संकट से जूझ रहा है और वित्तीय पैकेज के बिना इसको आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखना मुश्किल है। अगर सरकार मदद करें तो चाय कालिंग जैसे कई स्टार्टअप के जरिए लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि दार्जिलिंग में चाय का उत्पादन काफी अधिक घट गया है। यह 1.2 करोड़ किलोग्राम से घटकर 60 लाख किलोग्राम रह गया है।

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उत्पादन घटने के कई कारण

दार्जिलिंग में चाय का उत्पादन घटने के कई कारण हैं। वहां पहाड़ी क्षेत्र की वजह से चाय बागानों का विस्तार संभव नहीं है। इसके अलावा पुन पौधरोपण भी काफी मुश्किल है। इसके अलावा दार्जिलिंग की चाय के दाम लगातार नीचे आ रहे हैं। 2016 से 2023 के दौरान दार्जिलिंग की चाय के दाम सालाना आधार पर 1.7 प्रतिशत घटे हैं।

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निर्यात में भी अन्य से कड़ी प्रतिस्पर्धा

चाय उद्योग आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया है। निर्यात में भी अन्य से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में हम चाहते हैं कि चाय उद्योग की मदद के लिए सरकार वित्तीय पैकेज प्रदान करे। उद्योग ने बैंकों से पूंजीगत ऋण पर ब्याज सहायता की भी मांग की है।

कोई रॉयल्टी फीस नहीं

चाय कॉलिंग इंडिया से जुड़ने का सबसे अच्छा फायदा ये है कि इसमें किसी भी तरह का बिक्री प्रतिशत, मुनाफा प्रतिशत और कोई रॉयल्टी फीस नहीं है। इसका मतलब है कि फ्रेंचाइजी के रूप में पूरा फायदा सिर्फ निवेशक है। इसमें आउटलेट चुनने की मदद, पूरी शुरुआत के लिए एक किट, ऑपरेशन की मदद और शुरुआत मैनेजमेंट ट्रेनिंग शामिल है।