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ऐसे तो भर जाएंगे पद, नहीं मिल सकेगा इच्छित स्थान

- एक तरफ डीपीसी कर काउंसलिंग से भर रहे पद, दूसरी तरफ नहीं मांगे आवेदन

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

May 09, 2018

जयपुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2018—19 की विभागीय पदोन्नति में तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नत हुए शिक्षकों का पदस्थापन करने की विभाग में तैयारी चल रही है। इससे शिक्षक परेशान हो रहे हैं। विभाग ने तो द्वितीय श्रेणी के शिक्षकों से तबादलों के लिए अभी तक आवेदन मांगे नहीं है, लेकिन तबादलों से बैन हटने के बाद शिक्षकों ने खुद ही अर्जी देना शुरू कर दी है।

ऐसे तो बेकार हो जाएंगी डिजायर
द्वितीय श्रेणी के शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों से जुगाड़ लगाकर डिजायर करा विभाग के पास भेज दी हैं, अपने इच्छित स्थान भी भर दिए हैं। ऐसे में यदि द्वितीय श्रेणी की काउंसलिंग होती है तो उनके इच्छित भर जाएंगे और डिजायर बेकार हो जाएंगी। जानकारों का कहना है कि द्वितीय श्रेणी से व्याख्याता की पदोन्नति कर काउंसलिंग पहले कर दी जाती तो द्वितीय श्रेणी के पद खाली हो जाते और द्वितीय श्रेणी में पदोन्नत हुए शिक्षकों को अपनी पसंद की जगह भी मिल जाती। उनका कहना है कि सरकार को उच्च पदों से पदोन्नति करनी चाहिए थी, जबकि यहां उलटा हो रहा है।

विभाग करेगा सूची तैयार
संभागवार पदोन्नत 6731 शिक्षकों का काउंसलिंग के जरिए रिक्त पदों पर पदस्थापन करना है। शिक्षा ग्रुप—दो के शासन उपसचिव ने इस संबंध में निदेशक माध्यमिक शिक्षा को निर्देश जारी किए हैं। अब 15 से 25 मई तक काउंसलिंग कैंप आयोजित किए जाएंगे। इससे पहले 10 मई को पदोन्नत द्वितीय श्रेणी के शिक्षकों की वरियता सूची और रिक्त पदों की सूची का प्रकाशन किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों संभागवार विभागीय पदोन्नति की बैठक में 6731 तृतीय श्रेणी शिक्षकों का द्वितीय श्रेणी में चयन हुआ है। इसमें जयपुर के 832, पाली के 720, जोधपुर के 1015, उदयपुर के 1059, भरतपुर के 831, कोटा के 637, अजमेर के 650, बीकानेर के 363, चुरू के 624 शिक्षक पदोन्नत हुए हैं।

उच्च पदों पर पहले होनी चाहिए काउंसलिंग
द्वितीय श्रेणी शिक्षकों की डीपीसी काउंसलिंग तबादलों से पूर्व कराने से तबादलों की बाट जोह रहे शिक्षकों को निराशा होगी। वहीं व्याख्याता की प्रधानाचार्य पद पर काउंसलिंग नहीं होने से खाली पदों की संख्या कम होने से शिक्षकों को अपनी पसंद नहीं मिल सकेगी। उच्च पदों पर पहले काउंसलिंग होती तो सभी को फायदा होता।
विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष,राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ