
जयपुर।
पूर्व राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती आज देश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जा रही है। उनकी स्मृति में मनाये जा रहे शिक्षक दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी हो रहा है।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और गणमान्य लोगों ने शिक्षक दिवस की सभी शिक्षकों को बधाई दी है।
राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रहे शिक्षक: बिरला
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने एक संदेश में कहा कि शिक्षक अपने विद्यार्थियों के जीवन को शिक्षा के प्रकाश से आलोकित करके राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। शिक्षक अपने ज्ञान, समर्पण और प्रतिबद्धता से विद्यार्थियों के हृदय को वंचित के उत्थान, समाज के कल्याण और देश की प्रगति की भावना से अभिसिंचित करते हैं। उनका मार्गदर्शन सत्य और सेवा के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने स्वयं के शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि आज अपने गुरूजनों के प्रति कृतज्ञ हूं जिन्होंने मेरे जीवन को उचित दिशा दी।
शिक्षा के गुणात्मक प्रसार की आवश्यकता : मिश्र
राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने भी शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल मिश्र ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए उनकी स्मृति में मनाए जा रहे शिक्षक दिवस के अवसर पर कहा कि वे एक महान विचारक और शिक्षक थे। उन्हाेंने शैक्षिक संस्थाओं के जरिए शिक्षा के गुणात्मक प्रसार के साथ ही भारतीय संस्कृति, परम्पराओं, उच्च आदर्श मूल्यों, नैतिकता आदि के संस्कारों की शिक्षा प्रदान करने का भी आह्वान किया।
समाज के पथ-प्रदर्शक हैं शिक्षक : गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन में अंधेरा है। शिक्षक समाज के पथ-प्रदर्शक हैं। शिक्षा एवं संस्कार देने के साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में शिक्षक की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षकों के सम्मान में अभिवृद्धि के लिए संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल की विषम परिस्थितियों में शिक्षकों ने अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों का भी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया है। गहलोत ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान की महान भारतीय परम्परा को और मजबूत बनाते हुए श्रेष्ठ नागरिक बनें।
Published on:
05 Sept 2021 02:44 pm
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