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Teachers Transfer: शिक्षा जगत में बढ़ी नाराजगी, पारदर्शी स्थानांतरण नीति के बिना तबादलों का विरोध तेज

Education Department: शिक्षक संघ ने उठाई आवाज। मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र, रोक हटाने की मांग।
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जयपुर

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Rajesh Dixit

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Updated: 20 Nov 2025, 11:03 AM IST

Teacher-Transfer

पत्रिका फाइल फोटो

Teachers Transfer Policy: जयपुर। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने प्रदेश में पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू किए बिना शिक्षकों के तबादले शुरू करने पर कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने कहा कि सरकार बिना स्पष्ट और न्यायसंगत नीति के तबादले कर रही है, जिससे शिक्षा जगत में असंतोष बढ़ रहा है।

संघ के मुख्य संरक्षक और प्रशासनिक अध्यक्ष सियाराम शर्मा ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को पत्र भेजकर मांग की है कि जल्द से जल्द पारदर्शी स्थानांतरण नीति जारी की जाए। साथ ही सभी काडर के शिक्षकों के तबादले पर लगी रोक हटाकर प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू किया जाए।
प्रदेश प्रवक्ता मुकेश कुमार मीणा का कहना है कि विभाग को सबसे पहले नीति बनानी चाहिए थी ताकि नियुक्ति और स्थानांतरण में भेदभाव की स्थिति न बने। उनका कहना है कि पारदर्शिता के बिना उठाया गया कोई भी कदम शिक्षकों में असंतोष पैदा करेगा।

महामंत्री नवीन कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद भी रोक के बावजूद पदस्थापन, प्रतिनियुक्ति और स्थानांतरण होते रहे हैं, जिससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ी है और सरकार की छवि पर नकारात्मक असर पड़ा है। संघ ने साफ कहा है कि नीति के बिना स्थानांतरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।