
दीवारों पर रंग भरने के बाद युवाओं की टीम ऑन कॉल सेवा में जुटी
जोधपुर. कोरोना संक्रमण काल में पूरे देश में लॉक डाउन लागू है, ऐसे में सभी ही निगाहें टीवी व मोबाइल के जरिये सोशल मीडिया पर टिकी हैं। सोशल मीडिया जहां अफवाह फैलाने के लिए बदनाम है तो शहर के कुछ युवाओं ने इसको लोगों के कष्ट कम करने का साधन भी बना लिया है। युवाओं के इस गु्रप ने लॉक डाउन के साथ ही हेल्पलाइन नम्बर के साथ सेवा कार्य शुरू किए। इसके बाद पूरे शहर से इनके पास भोजन, राशन सामग्री व दवाइयों के लिए फोन आने लगे। युवाओं की टीम ने अपना कंट्रोल रूम और स्टोर रूम तक बना लिया। इसके बाद विदेश में रह रहे प्रवासी लोग इनकी मदद को आगे आए हैं।
शहर के इन 15 से 20 युवाओं की टीम ने कुछ समय पहले शहर की दीवारों पर रंग भर उनको सुंदर बनाने का बीड़ा उठाया था। तब भी सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ी। अब कोरोना संक्रमण काल में जब लोगों पर मुसीबत आई तो लॉकडाउान के साथ ही श्रमिक क्षेत्रों में लोगों पर आफत को भांपते हुए ऑन कॉल सेवा शुरू कर दी। उड़ान फाउंडेशन के नाम से अध्यक्ष वरुण धनाडिया व पूरी टीम ने सोशल मीडिया पर हेल्पलाइन नम्बर जारी किए। इसके बाद 25 तारीख से ही लोगों के फोन आना शुरू हो गए। युवाओं की इस टीम में निर्भीक डोयल, जितेन, कुणाल, राजेंद्र कुमावत व दुष्यंत व्यास की टीम जहां भी फोन आता उन पर जरूरत का सामान पहुंचाने निकल पड़ती।
बना लिया कंट्रोल रूम व स्टोर
इन युवाओं ने ही लाखों रुपए जोड़ कर कच्ची राशन सामग्री एकत्रित की। बासनी की एक फैक्ट्री में स्टोर व कंट्रोल रूम बनाया। यहां प्रतिदिन सुबह बैठकर भरत लोहिया, गगन धनाडिया, चिराग़ लाहोटी, वसीम खान, दुष्यंत खींची सहित पूरी टीम 500 से ज्यादा पैकेट तैयार करती। इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में बांटने के लिए ये लोग यहां से रवाना होते। कई बुजुर्गों को इन युवाओं ने ऑन कॉल दवाइयां भी नि:शुल्क पहुंचाई।
सोशल मीडिया पर प्रचलित हुए तो विदेशों से मदद
इनका कार्य जब सोशल मीडिया पर प्रचलित होने लगा तो जोधपुर मूल के विदेशों में रहने वाले लोग भी मदद के लिए आगे आने लगे। दुबई व अन्य देशों में रहने वाले इनके परिचितों ने भी आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ाया। इसी कारण दानिश क़ाज़ी, उदय शर्मा, गौरव परिहार और अन्य साथ ही अब तक ऑन कॉल सेवा में जुटे हुए हैं।
Published on:
05 Apr 2020 02:11 pm
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