
फाइल फोटो- पत्रिका
Rajasthan weather Report: राजस्थान में इस वर्ष मानसून का वितरण काफी असमान रहा है। जहां कुछ जिलों में अच्छी-खासी बारिश हुई है, वहीं राज्य के कई इलाकों में बारिश की कमी से लोग अभी भी राहत की तलाश में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 10 अगस्त तक राज्य में सामान्य से 58% अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि यह वर्षा पूरे राज्य में समान रूप से नहीं हुई है।
राजस्थान के पूर्वी और कुछ मध्य जिलों में जैसे बारां, भरतपुर, दौसा, सीकर और झुंझुनूं में हाल ही में 2 इंच तक बारिश हुई है, जिससे किसानों और आम जनता को गर्मी से कुछ राहत मिली है। बारां जिले के अटरू में 50 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड बना है। दूसरी ओर, उत्तर राजस्थान का श्रीगंगानगर जिला अभी भी गर्म और उमस भरे मौसम की चपेट में है, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश में कमी आ सकती है। इसका मुख्य कारण मानसून ट्रफ की स्थिति में बदलाव और पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ना बताया गया है। लेकिन 15 अगस्त से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय होने वाली पूर्वी हवाओं के कारण पूर्वी राजस्थान में 15 अगस्त से और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 16 अगस्त से भारी बारिश होने की संभावना है।
विशेष रूप से कोटा और उदयपुर संभाग में 15 और 16 अगस्त को कहीं-कहीं तेज बारिश के आसार हैं, जो सूखे से प्रभावित किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। इस बारिश से न केवल कृषि को लाभ मिलेगा, बल्कि तापमान में भी कमी आएगी और उमस से राहत मिलेगी। राजस्थान में सोमवार को न्यूनतम तापमान भी सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जैसे जयपुर में 27.3 डिग्री, कोटा में 26.6 डिग्री, बीकानेर में 28.2 डिग्री, और सिरोही में 20.6 डिग्री सेल्सियस। इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून की गतिविधियाँ राज्य में अपने रंग दिखाने लगी हैं।
Updated on:
12 Aug 2025 08:07 am
Published on:
12 Aug 2025 08:07 am
