
केंद्र सरकार जयपुर जंक्शन स्टेशन को विश्व स्तरीय पहचान दिलवाने के लिए कायाकल्प पर करोड़ों रुपए खर्च रही है। दूसरी ओर जिम्मेदार स्टेशन की छवि खराब करने पर उतारू हैं। कारण कि इन दिनों जयपुर जंक्शन पर जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। जो स्टेशन की शान को दागदार बना रही है। हाल यह है कि स्टेशन परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। यहां तक कि रेलवे ट्रैक पर भी गंदगी फैली हुई है। स्टेशन की दीवारों पर पान की पीक, बदबू और गंदगी के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दरअसल, जयपुर जंक्शन प्रदेश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है। यहां पर रोजाना एक लाख से ज्यादा लोगों की आवाजाही होती है। यहां सफाई व्यवस्था चाक चौबंद थी। जिसकी वजह से देशभर के सबसे स्वच्छ रेलवे स्टेशनों में शुमार था, लेकिन पिछले एक माह से सफाई व्यवस्था बदहाल है।
वीआईपी लोगों की आवाजाही फिर भी अनदेखी
कनकपुरा, ढेहर के बालाजी, दुर्गापुरा, सांगानेर, खातीपुरा समेत राजधानी के अन्य स्टेशनों पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव नहीं होता है। ऐसे में यात्रियों को जंक्शन ही आना पड़ता है। इस वजह से यहां पर वीआईपी लोगों की भी आवाजाही लगी रहती है। इसके बावजूद बुरा हाल है। जंक्शन पर कई स्थानों पर श्वानों का झुंड बैठा रहता है।
थाने के बाहर भी लगे कचरे के ढेर
पड़ताल में सामने आया कि जीआरपी व आरपीएफ थाने के सामने भी कचरे के ढेर लगे हुए हैं। उसके अलावा स्टेशन के प्रवेशद्वार के सामने बने ऑटो स्टैंड पर भी ऐसा ही हाल है। आरक्षण व टिकट घर में भी फर्श पर धूल नजर आ रही है।
इसलिए हो रही अव्यवस्था
रेलवे अधिकारियों के अनुसार जंक्शन पर साफ-सफाई का जिम्मा एक निजी फर्म को सौंपा हुआ था। करीब एक माह पहले फर्म का टेंडर खत्म हो गया। इसके बाद से सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। पहले जहां 150 से ज्यादा सफाई कर्मी थे, अब 46 से ही काम चलाया जा रहा है। यहां तक कि साफ-सफाई करने वाली मशीन भी नहीं है। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सफाई को लेकर टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सामान्य स्थिति हो जाएगी।
Published on:
07 Feb 2024 06:32 pm
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