
प्रसिद्ध लेखक विनोद घोसाल के उपन्यास छायाजपॉन पर आधारित है फिल्म छिपकली - द थर्ड पर्सन
फिल्म की लीड रोल कर रहे यशपाल के साथ को-एक्टर योगेश भारद्वाज, एक्ट्रेस तनिष्ठा विश्वास, निर्देशक कौशिक कर मंगलवार को फिल्म प्रमोशन के लिए पत्रिका कार्यालय आए थे।यशपाल शर्मा को गंगाजल, लगन, डी जैसी फिल्मों में उनके बेहतरीन किरदार के लिए जाना जाता है।
यशपाल ने आने वाली फिल्म छिपकली के बारे में बताया कि महामारी की वजह से फिल्म की शूटिंग को कई बार टालना पडा, हालांकि बाद में फिल्म 10 दिनों में पूरी हो गई। इस दौरान वे टेडीशनल लेखक की तरह की तरह रहे जो एक ऐसे घर में रहता है जहां हर ओर किताबें है और एक जैसे कपड़े पहनता है।
यशपाल इस फिल्म से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने इसे अपने करिअर की उम्दा फिल्मों में से एक बताया है। यशपाल ने कहा कि यह तय मानकर चले कि कोई ना कोई हर एक घटनाओं को बारीकी से देख रहा होता है. इस फिल्म के जरिये हमने ऐसे ही लोगों को सचेत करने की कोशिश की है।
ओटीटी से प्रभाव पड़ा लेकिन असली मजा सिनेमा में
यशपाल ने कहा कि ओटीटी ने फिल्म इंडस्ट्री को प्रभावित किया है इससे इनकार नहीं कर सकते हैं लेकिन फिल्म देखने का असली मजा बिग स्क्रीन और सिनेमाहॉल में आता है और यही कारण है कि लोग फिल्में देखने सिनेमा तक आ रहे हैं केवल उनको अच्छी फिल्में चाहिए।
30 सेकेंड रोकना मुश्किल
यशपाल ने कहा कि पैसा कमाना मेरा उद्देश्य नहीं है। ये फिल्म ऐसी है जिसमें फिल्म के अंत तक दर्शकों को संस्पेस में रखेगी। लोग अब आगे क्या होगा, इस संस्पेस में रहेगे। आज वैसे भी किसी को तीस सैकेंड रील देखने के लिए रोकना भी मुश्किल होता है यदि उनको पसंद नहीं आती है तो वे आगे बढ़ जाते हैं लेकिन यह मूवी लोगों को दो घंटे तक सीट पर बांध कर रखेगी।
ड्रामा करने के बाद फिल्म को किया डायरेक्ट
ये फिल्म एक उपन्यास पर आधारित है। इस पर ड्रामा करने वाले कौशिक ने ही फिल्म डायरेक्ट की है। फिल्म निर्देशक कौशिक कर के अनुसार, फिल्म की कहानी ही फिल्म का हीरो है, जो परत दर परत खुलती है। फिल्म देख आप को महसूस होगा बॉलीवुड वाकई बदल रहा है।
यशपाल एक फिल्म इंस्टीट्यूशन
योगेश भारद्वाज ने कहा: “ यशपाल एक बहुत ही पेशेवर अभिनेता और निर्देशक हैं। मेरे जैसे न्यूकमर के लिए उनके अभिनय के अंदाज को समझना मुश्किल था। उनकी कार्यशैली और अभिनय कौशल का मेल करना अपने आप में एक काम है। उनका हर सीन और विस्तृत काम सीखने वाला अनुभव था। वह एक संपूर्ण पैकेज हैं और सेट पर हमेशा ऊर्जा से भरपूर रहते हैं, जिन्हें मैं देखता था और उनसे सीखता था। मैं इस फिल्म में समानांतर भूमिका निभाने के लिए बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं।
मेरे बारे में उसको मत बताना
एक्ट्रेस तनिष्ठा ने बताया कि फिल्म में सिंपल कैरेक्टर निभाया है। मेरा मानना है कि 100 प्रतिशत कोई भी नहीं दे सकता है।
कुछ न कुछ खामियां तो रह ही जाती है। इसमें मेरा सबसे बड़ा डायलॉग है कि मेरे बारे में उसको मत बताना।
ये है कहानी
फिल्म की कहानी बंगाल की पृष्ठभूमि से जुडी हुई है। फिल्म में यशपाल एक लेखक (आलोक चतुर्वेदी) का किरदार निभा रहे हैं। जिस पर उसकी पत्नी और बेटे की हत्या का आरोप है। लेखक के तौर पर असफल इस किरदार को भले ही अपनी पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप से छुटकारा मिल जाता है। लेकिन इसके बाद भी एक डिटेक्टिव रूद्राक्ष (योगेश भारद्वाज) उसका पीछा नहीं छोडता है। आलोक अपने जीवन के किसी दौर में नक्सली आंदोलन का भ हिस्सा रह चुका है। उसकी पत्नी और बेटे की हत्या या किसी और रहस्य का पर्दाफाश करने के लिए योगेश लेखक के पीछे लगा हुआ है ये तो फिल्म रिलीज होने के बाद ही पता चलेगा।
Published on:
04 Apr 2023 09:43 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
