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जयपुर। महापर्व दीपोत्सव के स्वागत के लिए गुलाबीनगर के बाजार सजने लगे हैं। शहर में परकोटा समेत बाहरी इलाकों के बाजारों में भी सजावट कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। सांगानेर, जगतपुरा और मानसरोवर समेत अन्य बाजार सजकर तैयार हैं। बाजारों में दिवाली की तैयारियां जोरों पर है और धनतेरस से पहले ही धन वर्षा शुरु हो चुकी है। ऐसे में बाजारों में खरीदारों की खासी भीड़ दिखाई दे रही है।
व्यापारियों के मुताबिक इन दिनों 30 से 50 फीसदी तक ग्राहकी बढ़ गई है। वहीं कुछ दुकानों की बिक्री दुगनी तक हो चुकी है। इन दिनों लोग साड़ी, कपड़े, जूते और अन्य सामान की खरीदी करने में लगे हैं। साथ ही ज्वैलरी दुकानों पर भी खासी भीड़ नजर आने लगी है। वहीं मोमबत्तियां, रंगोली के सामान और सजावटी आइटम्स की बिक्री भी जोरों पर है। व्यापारियों की ओर से डिस्काउंट के ऑफर भी मिल रहे हैं।
इन वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ
ज्योतिषाचार्य पंडित चंद्र मोहन दाधीच ने बताया कि 24 अक्टूबर को आने वाले गुरु पुष्य योग पर प्रॉपर्टी, ज्वैलरी और वाहन से लेकर इलेक्ट्रॉनिक आइटम और चांदी सोने के सिक्के समेत अन्य सामान खरीदना शुभ माना गया है। इस दिन धनतेरस की तरह ही खरीदारी की परंपरा रही है। जिसके चलते लोग इसे मिनी धनतेरस की तरह मानते हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों में सबसे अच्छा माना जाता है जो स्थायी होता है। इसे शास्त्रों में अमरेज्य भी कहा गया है।
लाइटों की भी हो रही बिक्री
महालक्ष्मी के आगमन को देखते हुए बाजारों में रंग.बिरंगी लाइटिंग और सजावट देखने को मिल रही है, दिवाली के जश्न को और भी खास बना रही है। रंग, बिरंगी रोशनी के लिए देसी विदेशी झालरों और बल्बों की भी खासी डिमांड देखी जा रही है। वहीं मिट्टी से बने दीपक भी सरकारी इमारतों से लेकर घरों, प्रतिष्ठानों, मंदिरों में जगमगाने को तैयार हैं।
परंपरागत प्रिंटेड साडियों की डिमांड
महिलाओं की साड़ियों की बात करें तो जॉर्जेट, कॉटन और सिल्क साड़ी के साथ.साथ पारंपरिक प्रिंट्स की साड़ियों की डिमांड दिवाली पर दुगनी हो चुकी है। मानसरोवर के व्यापारियों ने बताया कि सूरत, बनारसी और कांचीपुरम साड़ी के साथ- साथ पारंपरिक पैटर्न की साड़ियां महिलाएं अधिक पसंद कर रही हैं।
Updated on:
23 Oct 2024 11:39 am
Published on:
23 Oct 2024 11:39 am
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