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बर्थडे से पहले बुझ गया घर का इकलौता चिराग, पिता का भी हो चुका है निधन, मां का रो-रोकर बुरा हाल

हादसे का शिकार हुआ सूरज के पिता का एक साल पहले निधन हो गया था। वह मां शारदा के साथ यहां रहता था और सरकारी विद्यालय की कक्षा चार में पढ़ता था।मां शारदा ने बताया कि सूरज ही उसका एकमात्र सहारा था। वह भी चल बसा...

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जयपुर ग्रामीण। जैतपुरा कस्बे में एसबीआई बैंक के सामने रविवार देर रात तेज रफ्तार ट्रक के दो टायर खुलने के बाद सर्विस रोड किनारे बैठे कुछ लोगों पर चढ़ने से एक 12 साल के बच्चे की मौत के बाद एक और घायल ने जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। पुलिस ने चौमूं के उप जिला चिकित्सालय में पोस्टमार्टम करवाने के बाद सूरज का शव परिजन को सौंप दिया, जिसका परिजनों ने जैतपुरा में ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया, जबकि सवाईमानसिंह अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद 20 वर्षीय दीपक का शव परिजन को सौंप दिया। हादसे के बाद से प्रवासी मजदूरों में शोक छाया हुआ है। वहीं किसी भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पीड़ित परिवारों की सुध नहीं लेने से रोष भी है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार देर रात चौमूं से जयपुर की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक के दो टायर खुलकर सर्विस रोड पर मकानों के बाहर बैठे सूरज (12) पुत्र धारासिंह, दीपक (20) पुत्र बनवारी समेत अन्य लोगों पर चढ़ गए, जिससे सूरज की मौके ही मौत हो गई तथा दीपक और वेदप्रकाश (32) पुत्र भूरीसिंह निवासी आगरा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने जयपुर के सवाईमानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां दीपक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सूरज और दीपक के परिजन आगरा के रहने हैं और जैतपुरा रीको क्षेत्र में मजदूरी करते हैं। हादसे के बाद से पीडि़त परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूरज के परिजनों ने उसके शव का अंतिम संस्कार जैतपुरा में किया, जबकि दीपक के शव को परिजन आगरा ले गए।

हादसे का शिकार हुआ सूरज के पिता का एक साल पहले निधन हो गया था। वह मां शारदा के साथ यहां रहता था और सरकारी विद्यालय की कक्षा चार में पढ़ता था।मां शारदा ने बताया कि सूरज ही उसका एकमात्र सहारा था। वह भी चल बसा। वह यहां पर बेलदारी करके जीवन यापन करती है। अगले महीने की 10 जून को सूरज का जन्मदिन था। हादसे के बाद से शारदा गमगीन है।

पीड़ित परिवारों की नहीं ली सुध

इस हादसे के बाद किसी भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी ने सुध नहीं ली। इसे लेकर प्रवासी मजदूरों ने नाराजगी जताई। खास बात ये है कि आर्थिक रूप से कमजोर सूरज के अंतिम संस्कार को भी मजदूरों ने मिल-जुलकर करवाया।

इनका कहना है

घटना दुखद है। ट्रक की तलाश की जा रही है। अब तक इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी भी खंगाले हैं। मामले की जांच भी की जा रही है।