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अमीरों के खातों में भर दिया गरीबों का हक

फर्जीवाड़ा: घर में गाड़ी-जमीन फिर भी खातों में डलवा दिए 1.25 लाखविजय शर्माजयपुर . लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को सरकार की ओर से दी जा रही 2500 रुपए की सहायता राशि के वितरण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। अफसरों व जनप्रतिनिधियों ने कार और जमीन के मालिकों को ही इस राशि का भुगतान कर दिया।
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जयपुर

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Sudhir Bhatnagar

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Updated: 23 Jun 2020, 5:25 PM IST

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मामला जयपुर की आमेर तहसील की पंचायत समिति जालसू के ग्राम पूनाना का है। जिम्मेदारों ने पात्रता सूची में बदलाव कर चहेतों को लाभ पहुंचाया। कलक्टर के पास शिकायत पहुंचने पर जांच कराई तो 90 फीसदी मामले सही मिले। यानी 57 लोगों में से 50 के खातों में गलत तरीके से राशि पहुंची। खातों में एक लाख 25 हजार भुगतान कर दिया। हालांकि अभी जांच रिपोर्ट कलक्टर को नहीं मिली है, लेकिन एसडीएम, बीडीओ, ग्राम पंचायत सरपंच, सरपंच पति, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। लॉकडाउन के दौरान पंजीकृत निर्माण श्रमिक, स्ट्रीट वेण्डर, रिक्शा चालक, निराश्रित और असहायों का सर्वे कर इनके खातों में सीधे 2500 रुपए जमा करवाए जा रहे हैं।
गांव पहुंची टीम तो सभी गायब
जयपुर से जांच टीम पंचायत कार्यालय पहुंची तो वहां ग्राम विकास अधिकारी गायब हो गए। कैशबुक, चेकबुक आदि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। पटवारी से पात्र, अपात्र व्यक्तियों के भूमि एवं निजी खातेदारी संबंधी दस्तावेज मांगे तो उपलब्ध नहीं करवाए।