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रक्षाबंधन की मिठास में गोल्ड दूध की किल्लत ने डाला खलल, जानें ये कारण

रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर जयपुर शहर में दूध की मांग अचानक बढ़ने से दूध की किल्लत से लोग परेशान हैं। बूथ संचालकों में भी डेयरी प्रबंधन को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।

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Shortage of Gold Milk in Jaipur: रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार पर जयपुर शहर में दूध की मांग अचानक बढ़ गई, लेकिन जयपुर डेयरी की ओर से सप्लाई सामान्य दिनों की तरह ही सीमित रही। इससे कई इलाकों में उपभोक्ताओं को दूध के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा, वहीं बूथ संचालकों में भी डेयरी प्रबंधन को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।

मांग बढ़ी लेकिन सप्लाई सीमित

जयपुर डेयरी प्रतिदिन औसतन 10 से 11 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करती है, लेकिन रक्षाबंधन के चलते इसकी मांग करीब दो लाख लीटर तक बढ़ गई। इसके बावजूद सप्लाई बढ़ाने के कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए। बूथ संचालकों का कहना है कि त्योहारी सीजन में मांग के अनुसार दूध की आपूर्ति नहीं हो रही। कई बार डेयरी की गाड़ियां तय समय से देरी से पहुंच रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हसनपुरा, सोडाला, रामनगर और झोटवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में गुरुवार को सुबह और शाम दोनों समय सप्लाई में देरी देखी गई।

गोल्ड दूध की मांग सबसे अधिक

त्योहारों पर खासतौर से गोल्ड दूध की मांग सबसे ज्यादा होती है, क्योंकि मिठाइयों और पकवानों में इसका उपयोग अधिक होता है। दूध में फैट की मात्रा सर्वाधिक होने के कारण लोग गोल्ड दूध ही पसंद करते हैं। मांग बढ़ने के बावजूद जयपुर डेयरी प्रशासन आंख मूंदकर बैठा है।

आवक सीमित, मांग अचानक बढ़ी

जयपुर डेयरी के अधिकारियों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर डिमांड अचानक बढ़ जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से दूध की आवक सीमित है। ऐसे में अतिरिक्त आपूर्ति कर पाना संभव नहीं हो पाता। उन्होंने माना कि गोल्ड दूध की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है, क्योंकि यह कैटेगिरी मिठाइयों में अधिक उपयोगी होती है। हालांकि डेयरी प्रयास कर रही है कि उपभोक्ताओं को ज्यादा दिक्कत न हो। उपभोक्ताओं का कहना है कि जयपुर डेयरी को ऐसे बड़े त्योहारों के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए ताकि वक्त पर दूध की कमी न हो।