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एयरपोर्ट, हवाईपट्टी परिसर की बाउण्ड्रीवाल से 100 फीट दूरी तक नो-कंस्ट्रक्शन एरिया होगा व 500 फीट तक बहुमंजिला निर्माण की अनुमति नहीं होगी।
100-500 फीट के बीच भवन की ऊंचाई निर्धारित होगी। इसके लिए स्लेब बनाया जा रहा है। इसके तहत एयरपोर्ट बाउण्ड्रीवाल से जितनी दूरी बढ़ती जाएगी, भवन की ऊंचाई बढ़ती जाएगी।
सरकार की कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। एयरपोर्ट पर स्टेट हैंगर के आस-पास की इमारतें इसकी जद में आएंगी। कमेटी ने जेडीए को बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन की जरूरत जता दी है।
सूत्रों के मुताबिक 9 फरवरी को मुख्य सचिव के निर्देशन में बैठक होगी, कमेटी की अनुशंसा पर मुहर लगाई जा सकती है। जेडीए की भवन मानचित्र समिति की बैठक होगी, ताकि फैसले के आधार पर बायलॉज में संशोधन हो सके।
एयरपोर्ट-स्टेट हैंगर से जुड़ी सुरक्षा का हवाला,मंत्रालय भी कर रहा संशोधन विमानन मंत्रालय के समक्ष भी सरकार नियमों में संशोधन की जरूरत जता चुकी है। इसी आधार कंस्ट्रक्शन को लेकर नियमों में संशोधन किया जा रहा है, जो पूरे देश में लागू होगा।
उधर, जब तक राज्य सरकार की कमेटी सिफारिश पर निर्णय नहीं करती, तब तक एयरपोर्ट अथॉरिटी किसी भी इमारत को लेकर एनओसी जारी नहीं करेगी। राज्य सरकार के पत्र के बाद इस पर सहमति बन चुकी है।
अवाप्ति प्रक्रिया होगी तेज
एयरपोर्ट व स्टेट हैंगर के आस-पास तीन बहुमंजिला इमारतें हैं। कमेटी व सुरक्षा एजेंसियों ने इसे एयरपोर्ट की सुरक्षा में खतरा माना है।
इसी आधार पर सरकार ने अब ऐसी इमारतों को अधिग्रहीत करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसकी अनुशंसा भी कमेटी की लिस्ट में है। अवाप्ति प्रक्रिया जेडीए स्तर पर शुरू होगी।
Published on:
07 Feb 2017 08:17 am
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