जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर डेम को इस बार जून माह में मानसून ने बोनस दिया है। निर्माण के बाद पहली बार डेम में पहली बार जून माह में बारिश के पानी की हुई आवक से डेम के छलकने की प्रबल उम्मीद हैं।
जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर डेम को इस बार जून माह में मानसून ने बोनस दिया है। निर्माण के बाद पहली बार डेम में पहली बार जून माह में बारिश के पानी की हुई आवक से डेम के छलकने की प्रबल उम्मीद हैं। हालांकि डेम में पानी की आवक में सहायक त्रिवेणी संगम का पानी डेम से अभी दूर है और पानी के बहाव का स्तर भी कम ज्यादा हो रहा है। लेकिन फिर भी जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों ने इस बार 8वीं बार बीसलपुर डेम के छलनके की उम्मीद जताई है।
बीसलपुर डेम में पानी की आवक में सहायक त्रिवेणी संगम से पानी डेम तक पहुंचता है। सामान्यतया अगस्त माह से ही डेम में त्रिवेणी से आए पानी से जलस्तर में बढ़ोतरी होती है। लेकिन इस साल पहली बार जून माह में पिछले 11 दिन में डेम के जलस्तर में 12 सेंटीमीटर हुई बढ़ोतरी ने जयपुर समेत चार जिलों में 12 दिन तक की रूटीन जलापूर्ति लायक पानी का इंतजाम कर दिया है। भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले में बंपर बारिश होने पर ही सहायक नदियों में पानी का वेग बढ़ता है और बीसलपुर बांध तक पहुंचता है।
बीसलपुर बांध में खारी, डाई और बनास नदियों से होकर पानी की आवक होती है। तीनों नदियों के मिलन वाले स्थान को ही त्रिवेणी संगम कहा जाता है जो बीसलपुर डेम से करीब 100 किलोमीटर दूर है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार त्रिवेणी संगम में पानी का बहाव अभी दो मीटर पर है और बहाव 3 मीटर से ज्यादा होते ही बांध में पानी की आवक तेज हो जाएगी। अभी त्रिवेणी संगम में 90 किलोमीटर दूर तक पानी का बहाव शुरू हो गया है। ऐसे में अच्छी बारिश के चलते आगामी 10 दिन में बांध में पानी की आवक शुरू होने की उम्मीद है।
बीसलपुर डेम निर्माण के बाद अभी तक अगस्त माह में ही ओवरफ्लो हुआ है। इस साल भी बांध में पानी की आवक तेज होने पर अगस्त में ही छलकने की उम्मीद है। शुक्रवार सुबह बांध का जलस्तर 312.57 आरएल मीटर दर्ज हुआ जो गुरूवार की तुलना में दो सेंटीमीटर अधिक रहा है। बांध के कैचमेंट एरिया में पिछले 24 घंटे में 7 मिमी बारिश मापी गई है।
बांध का 1985 में हुआ था शिलान्यास
1987 में बांध का शुरू हुआ निर्माण 1996 में बांध बनकर तैयार 832 करोड़ रुपए आई लागत
जल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर, कुल जल भराव क्षमता 38.708 टीएमसी पानी का होता है भराव
2004 में निर्माण के बाद पहली बार गेट खुले
2006 में दूसरी बार छलका बांध
2014 में तीसरी बार खोले गए गेट
2016 में भी बांध के खुले गेट
2019 में बांध के 17 गेट खोले
2022 में भी छलका बांध
2024 में सातवीं बार छलका डेम