प्रदेश में शुरू हुए आंधी और बारिश के मौसम ने जहां आमजन और प्रशासन को आहत किया है, वहीं बिजली कंपनियों को इससे खासी राहत मिली है।
प्रदेश में शुरू हुए आंधी और बारिश के मौसम ने जहां आमजन और प्रशासन को आहत किया है, वहीं बिजली कंपनियों को इससे खासी राहत मिली है। कंपनियों को पिछले 12 दिन में पवन से करीब 44 करोेड़ यूनिट बिजली मिल चुकी है। बिजली की उच्चतम खपत के बीच अब प्रदेश में सप्लाई के लिए सरप्लस बिजली उपलब्ध है।
उर्जा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में गत 12 मई से तेज हवाओं को जोर शुरू हुआ है और वर्तमान सप्ताह में यह अपनेे सर्वोच्च स्तर पर है। इसके साथ ही कई जगह बारिश होने से बिजली की निर्धारित खपत में भी कमी आई है। प्रदेश में वर्तमान सप्ताह में बिजली की औसत खपत करीब 30 करोड़ यूनिट प्रतिदिन से कम हो गई है। वहीं उपलब्धता वर्तमान में 33 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक बनी हुई है।
ये है पवन उर्जा की स्थिति
प्रदेश में पिछले 12 मई से पवन उर्जा की उपलब्धता का ग्राफ बढ़ना शुरू हो गया है। पिछले 12 दिन में औसतन तीन से साढ़े तीन करोड़ यूनिट बिजली पवन उर्जा से प्राप्त हो रही है। इससे प्रदेश में बिजली की उपलब्धता में तीन करोड़ यूनिट की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो गई है। प्रदेश में वर्तमान माह में 15 मई को पवन से सर्वाधिक 5.70 करोड़ यूनिट बिजली मिली है।
ये है खपत और उपलब्धता
प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही 12 मई से बिजली की खपत में भी खासी बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान 23 मई तक बिजली की औसत खपत 30 सेे 31 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक रही है। इस दौरान 21 मई कोे सर्वाधिक 32.49 करोड़ यूनिट की खपत दर्ज की गई है। वहीं इस दौरान पवन उर्जा की उपलब्धता बढ़ने से बिजली की औसत उपलब्धता भी खपत के बराबर ही दर्ज की गई है।
दो दिन में आई गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, दो दिन में बदले मौसम के कारण बिजली की औसत खपत में सात करोड़ यूनिट से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में 23 मई को जहां बिजली की खपत 31.10 करोड़ यूनिट थी, वह 24 मई को घटकर 24.57 करोड़ यूनिट पहुंच गई। वहीं 25 मई को भी यह खपत 24 से 25 करोड़ यूनिट तक ही रहने का अनुमान है।
पिछले पांच दिन की स्थिति————
दिन — पवन बिजली की उपलब्धत
20 मई — 333.12 लाख यूनिट
21 मई — 532.96 लाख यूनिट
22 मई — 473.66 लाख यूनिट
23 मई — 340.06 लाख यूनिट
24 मई — 375.96 लाख यूनिट