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जयपुर Rajasthan Police Crime Record कोटा, बांसवाड़ा, चित्तौडगढ़ जैसे कई जिले हैं जो अपराध रोकने और अपराधियों को दबोचने के मामले में जयपुर कमिश्नरेट से आगे हैं। ये हालात तो तब हैं जब जयपुर कमिश्नरेट की पुलिसकर्मियों की संख्या किसी भी जिले के पुलिसकर्मियों की संख्या से कहीं ज्यादा है। जयपुर शहर के पुलिस थानों की संख्या भी अन्य जिलों के पुलिस थानों से कहीं ज्यादा है। उसके बाद भी अपराध और अपराधी दोनो ही जयपुर पुलिस के आगे चल रहे हैं।
जयपुर में सबसे खराब प्रदर्शन रहा श्याम नगर थाने का
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में सबसे खराब प्रदर्शन नवम्बर के महीने में श्याम नगर पुलिस का रहा। श्याम नगर पुलिस ने तो अपराध पर ही पूरी तरह से लगाम लगा सकी और न ही अपराधियों की ही धरपकड़ कर सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात ये हैं कि थाने के आसपास के बाजारों में ही एक साथ पांच से सात दुकानों के ताले कई बार टूटे हैं। ऐसे हालात मे व्यापारियों ने पुलिस की गश्त पर भरोसा छोड़ अपने स्तर पर ही गार्ड रखना शुरू कर दिया है। श्याम नगर थाने से कुछ ठीक हालात प्रताप नगर और फिर कोटखावदा थाने के हैंं। टॉप से शुरुआत की जाए तो टॉप में संजय सर्किल, लालकोठी, आदर्श नगर, विद्याधर नगर और गलता गेट थाने हैं। संजय सर्किल थाने के औसत अंक 58 प्रतिशत से ज्यादा हैं।
19 पुलिस थाने ऐसे जो माइनस में, यानि औसत से भी नीचे
जयपुर कमिश्नरेट में 19 पुलिस थाने ऐसे हैं जिनका प्रदर्शन औसत से भी कम रहा यानि इन थानों की रैकिंग माइनस में जा पहुंची। थानों के प्रदर्शन के लिए जो औसत मानक तय किए गए हैं ये उनसे भी कम हैं। इन पुलिस थानों में गांधी नगर, सांगानेर सदर, ज्योति नगर, बनीार्क, कालवाड़ा, बजाज नगर , शिवदासपुरा, करणी विहार, मुहाना, कानोता, शिप्रापथ, वैशाली नगर, सांगानेर, श्याम नगर, करधनी, मोती डूंगरी, कोटखावदा, प्रताप नगर और श्याम नगर थाने हैं। इन थानों के पुलिस इंस्पेक्टर्स को पुलिस कमिश्नर ने दिसम्बर महीने में अपने प्रदर्शन को सुधारने की चेतावनी दी है।
Published on:
26 Dec 2019 12:54 pm
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