
Beniwal statement on Raje Gehlot residence issue
जयपुर। राजस्थान में 1998 के विधानसभा चुनाव से एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा के बीच सत्ता की अदला-बदली की सियासी परंपरा को तोड़ने के लिए तीसरे मोर्चे का शिगूफा एक बार फिर चुनावी मैदान में है। इस बार निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकत्रांतिक पार्टी और घनश्याम तिवाड़ी की भारत वाहिनी पार्टी ने प्रदेश के मतदाताओं को नया विकल्प देने के लिए ताल ठोक दी है और गठबंधन कर चुके है।
लेकिन इन दोनों की पार्टियों को अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने के लिए कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशियों की सूची का इंतजार है। माना जा रहा है राजस्थान की दोनों की राजनीतिक पार्टियों से जिनके टिकट कटेंगे वह बेनीवाल और तिवाड़ी की पार्टी का हाथ थाम सकते है। बीजेपी ने 131 सीट पर प्रत्याशी उतार दिए है और प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही यहां बगावत के सुर शुरू हो गए है। वहीं अभी कांग्रेस की सूची का इंतजार है।
ऐसे में तिवाड़ी और बेनीवाल ने अभी तक इन बगावत करने वालों को अपने साथ शामिल करने के लिए प्रदेश की विधानसभा सीटों से अपने प्रत्याशी नहीं उतारे है। हालांकि घनश्याम तिवाड़ी खुद सांगानेर से मैदान में उतर चुके है। वहीं हनुमान बेनीवाल आज खींवसर से नामांकन दाखिल करेंगे। इसके साथ ही बसपा,आप सहित अन्य पार्टियां अपने प्रत्याशी मैदान में उतार चुकी है। आप आज जारी करेगी 55 से 60 सीट पर सूची आप भी राजस्थान के 200 सीट पर चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है।
वह अब तक 103 सीट पर अपने प्रत्याशी उतार चुकी है वहीं करीब 55 से 60 सीट पर आज शाम अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेगी। इसके साथ ही बसपा भी मैदान में है। बसपा ने अब तक कुल 61 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। वहीं आमेर से नवीन पिलानियां भी बसपा में शामिल हो चुनाव लड़ने का एलान कर चुके है।
Published on:
14 Nov 2018 11:22 am
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