
कोटा. आईआईटी मुम्बई से बीटेक करने के बाद तीन दोस्तों ने आधुनिक खेती की राह चुनी है। कोटा निवासी अंकित राठी, अभय सिंह और श्रीगंगानगर के अमित कुमार ने खेती की हाइड्रोपोनिक तकनीक का प्रयोग किया है। इस तकनीक में युवाओं ने सब्जी की फसल को पानी में उगाया है। तीनों युवाओं ने किसी बड़ी कम्पनी में नौकरी के बजाय आधुनिक खेती को अपनाया और कोटा में बिना मिट्टी व कोकोपिट्स एवं पेस्टीसाइड्स के आधुनिक खेती का स्टार्टअप शुरू किया है। वे प्रतिदिन 800 से 900 किलो टमाटर सहित अन्य सब्जियों की पैदावार प्रतिदिन ले रहे हैं। जिसे दिल्ली, मुम्बई व अन्य शहरों में भेजा जा रहा है।
ऐसे हुई शुरुआत
सबसे पहले अभय व अमित ने मिलकर घर की छत पर ग्रोइंग चैम्बर्स में पालक, भिंडी, टमाटर, लौकी सहित अन्य सब्जियां उगाई और इन सब्जियां को बाजार में बेचा। सफलता मिलने पर तीनों ने मिलकर नांता में करीब एक एकड़ जमीन पर पॉलीहाउस तैयार किया।
हाइड्रोपोनिक तकनीक
जमीन पर पानी के पाइप का स्ट्रेक्चर खड़ा किया जाता है। पाइप में उचित दूरी पर पौधे लगाए जाते हैं। पाइप में पानी के साथ पौधे के लिए आवश्यक पोषण तत्व दिए जाते हैं। इस तरह बिना मिट्टी के उपयोग के सब्जियों की खेती की जाती है।
80% पानी की बचत
वे सौर ऊर्जा व मिनरल वाटर का उपयोग कर पानी व बिजली की खपत को कम करने में कामयाब हुए हैं। पारम्परिक खेती की तुलना में 80 फीसदी कम पानी की खपत हो रही है। पौधों को ग्रोइंग चैम्बर्स से ही ऑक्सीजन, न्यूट्रीशियन की पूर्ति हो जाती है।
बड़ी खेती की तैयारी
इससे उत्साहित होकर तीनों की कोटा के निकट केशोरायपाटन में 65 बीघा जमीन पर आधुनिक कृषि का बड़ा केन्द्र खोलने की योजना है। जहां हजारों महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा।
ऑटोमेटिक कन्ट्रोल
एक ऑटोमेटिक कन्ट्रोल सिस्टम तैयार किया है जो मोबाइल से कनेक्ट रहता है। मोबाइल से ही बटन दबाकर ऑफिस में बैठकर फार्म हाउस में पौधों में पानी व जरूरी मिनरल्स पहुंचाया जा सकता है।
Published on:
26 May 2022 05:33 pm
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