5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान के इन 3 मंत्रियों की लोकसभा चुनावों में बदल सकती हैं सीट, वसुंधरा राजे को भी मैदान में उतारने की तैयारी!

Lok Sabha Election 2019: जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी का जयपुर शहर, राजसमंद और टोंक-सवाईमाधोपुर तीन सीटों से पैनल में नाम है...
2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Dinesh Saini

Mar 18, 2019

Lok Sabha Election

जयपुर।

लोक सभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election) के लिए भाजपा में राजस्थान के उम्मीदवारों के नामों पर रविवार को दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री एवं प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर के घर कोर कमेटी की बैठक हुई जिसमें कोर कमेटी ने शाह के समक्ष 12 सांसदों को फिर से चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) और अर्जुनराम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) की सीट बदलने पर भी कोर कमेटी में चर्चा हुई। कमेटी ने गजेन्द्र सिंह को जोधपुर और राजसमंद दोनों सीटों से पैनल में रखा है।

दरअसल राजसमंद से सांसद हरिओमसिंह राठौड़ इस बार चुनाव नहीं लडऩे की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। ऐसे में पार्टी गजेन्द्र सिंह को राजसमंद से और उनकी सीट पर खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत विश्नोई को मौका देने पर विचार कर रही है। ऐसे ही मेघवाल के लिए बीकानेर एवं श्रीगंगानगर का विकल्प खुला रखा गया है।

इसी प्रकार सी.आर. चौधरी को भी इस बार नागौर की जगह अजमेर से मौका देने पर विचार किया जा रहा है। जयपुर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी (Diya Kumari) का जयपुर शहर, राजसमंद और टोंक-सवाईमाधोपुर तीन सीटों से पैनल में नाम है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों को चुनाव लड़ाने पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक शाह ने बैठक में पूर्व मुख्यमंत्रियों वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह और रमन सिंह के चुनाव लडऩे को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने यह तो खुलकर नहीं कहा की तीनों को चुनाव लड़ाया जाएगा लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि इस पर फैसला बाद में करेंगे।

झगड़े खत्म करने के निर्देश
बड़े नेताओं ने केन्द्रीय मंत्रियों समेत सांसदों के खिलाफ उठे असंतोष को शांत करने के निर्देश दिए हैं। बीकानेर में अर्जुनराम मेघवाल और देवीसिंह भाटी, पाली में पीपी चौधरी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा नागौर में सीआर चौधरी व जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान की शिकायत दिल्ली तक पहुंच चुकी है। शाह ने निर्देश दिए हैं कि विरोध तत्काल खत्म कराएं। जनप्रतिनिधियों व सांसदों के बीच संवादहीनता दूर कर उन्हें एक मंच पर लेकर आएं।