
Tamil Nadu Assembly Elections 2021: seize 16-crore dubious cash in TN
जयपुर
एक सरकारी अधिकारी के रिटायरमेंट के पैसे के बारे में जब ठगों को पता चला तो उन्होनें पैसा डबल करने का प्लान बताकर पूरा पैसा ही ठग लिया। बुजुर्ग पिता को ऐसे-ऐसे प्लाॅट खरीदवा दिए जिनका स्वामित्व ठगों के पास नहीं था। जब पिता पजेशन लेने पहुंचे तो प्लाॅटों के असली मालिक आ गए। पूरे घटनाक्रम के बारे में पुलिस को सूचना दी और केस दर्ज कराया।
जयपुर एयरपोर्ट पुलिस ने बताया कि 63 वर्षीय रणजीत सिंह मीणा को शिकार बनाया गया है। रणजीत अपनी बेटी का भविष्य सवांरना चाहते थे। रिटायरमेंट के बाद मिला 65 लाख रुपए सही जगह पर इन्वेस्ट करना चाहते थे। लेकिन इसकी जानकारी एक परिचित जगदीश और उसके बेटे कैलाश को मिली। बाप-बेटे ने अपने तीसरे साथी किशन लाल के साथ मिलकर ऐसा चक्कर चलाया कि जमीनों में इन्वेस्ट करने के नाम पर 65 लाख के करोड़ों रुपए बनाने के सपने दिखा दिए।
ऐसे-ऐसे प्लाॅट अपने जानकारों के बताकर बेच दिए जिनसे दूर दूर तक उनका कोई ताल्लुक नहीं था। बुजुर्ग रणजीत भी विश्वास में रहे। उनके पास से कभी किसी को चैक दिलाए गए तो कभी रकम आरटीजीएस कराई गई। जब पूरा पैसा खत्म हो गया और पजेशन भी नहीं मिला तो रणजीत मीणा ने पुलिस को सूचना दी और केस दर्ज कराया। तीनों ठग फरार हैं।
बेटी को डाॅक्टर बनाना चाहते थे बुजुर्ग, सवा करोड़ ठगा बैठे
जयपुर के मानसरोवर में रहने वाले 70 वर्षीय एक बुजुर्ग ने अपने रिटायरमेंट का पैसा और प्राॅपर्टी बेचकर बचाया पैसा बेटी को डाॅक्टर बनाने में खर्च करने की तैयारी की थी। लेकिन बुजुर्ग एक साइबर ठग के हत्थे चढ़ गए। उसने लाखों के इनाम का लालच देकर कई बार में एक करोड़ बीस लाख से ज्यादा ठग लिए। जब पैसा नहीं आता दिखा तो बेटी को इस बारे मे बताया। पिता और बेटी दोनो थाने में फूट फूट कर रोए। पुलिस ने चार लोग पकडे हैं लेकिन पैसा आज तक नहीं मिला। नवम्बर 2020 की यह घटना है।
Published on:
19 Jan 2022 01:19 pm
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