
भाजपा से बगावत कर निकलने के बाद तीसरे मोर्चे का विकल्प देने का वादा तो किया.. लेकिन घनश्याम तिवाड़ी और हनुमान बेनीवाल की पार्टियां अब तक करीब 66 प्रत्याशी ही मैदान में उतार पाई है.. बागी भी इन पार्टियों को अंगूर खट्टे हैं.. कहकर पसंद नहीं कर रहे हैं.. और इन पार्टियों में आने की बजाय निर्दलीय ही मैदान में उतर रहे हैं… अब तक इन दोनों नेताओं के नजदीकी कहते रहे हैं.. कि भाजपा और कांग्रेस के बागियों को विकल्प उपलब्ध कराएंगे… लेकिन हालात को देखकर तो दोनों नेता खुद को ये ही दिलासा दे रहे हैं..