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जिस दुकान पर गुटखा बिकेगा, वहां बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, टॉफी नहीं बेच सकेगा दुकानदार

प्रदेश में तम्बाकू उत्पाद जैसे गुटखा, खैनी, बीड़ी-सिगरेट आदि बेचने के लिए विके्रता, दुकानदार को संबंधित नगरीय निकाय से अनुमति लेनी होगी।

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Tobaco

यदि कोई दुकानदार इन उत्पादों को बेचता है तो फिर वह उसी दुकान से बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, टॉफी आदि बच्चों के खाने वाले उत्पाद नहीं बेचेगा। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में गुरुवार को एक आदेश जारी किए है। विभाग की ओर से जारी आदेशों में भारत सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी और नगर पालिका अधिनियम 2009 का हवाला दिया है। जिनके तहत जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए और बच्चों को इन तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के उदेश्य से ये नियम लागू करने की बात कही है। आदेशों के तहत भविष्य में तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए स्थानीय निकाय खुदरा व्यापारियों को अनुमति देगा। इसके तहत व्यापारी, प्रतिष्ठïान इन उत्पादों के अलावा अन्य कोई उत्पाद का वितरण, बेचान नहीं कर सकेगा।

सरकार ने 3 अधिनियम का उल्लंघन माना
सरकार के संज्ञान में आया है कि राज्य में कई व्यापारिक केन्द्र बिना अनुज्ञप्ति के अनाधिकृत दुकानों से तथा सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (कोटपा), किशोर न्याय (बच्चों का संरक्षण एवं सुरक्षा) अधिनियम, 2015 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन करते हुए तम्बाकू उत्पादों का प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण एवं विपणन कर रहे हैं।
10 लाख मृत्यु प्रतिवर्ष..
स्वायत्त शासन विभाग के आदेश के तहत तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है। 6 से 8 प्रमुख मृत्युकारक कारणों में से तम्बाकू का उपयोग एक मुख्य कारण है। इससे कैंसर, हृदय व रक्त वाहिकाओं के रोग तथा फेफड़ों से संबंधित बीमारियां होती है। इससे करीब 40 प्रशित असंक्रामक बीमारियों का कारण तम्बाकू का प्रयोग है। इस कारण हर वर्ष भारत में करीब 10 लाख मृत्यु होती है।

सेक्स हार्मोन भी इससे प्रभावित
इससे न केवल आपको मुंह का कैंसर हो सकता है, बल्कि इससे दांत भी खराब हो सकते हैं। इतना ही नहीं, गुटखे में मौजूद कई किस्म के रसायनों से हमारे डीएनए को भी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा हमारे सेक्स हार्मोन भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हाल ही में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एज्यूकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि गुटखा खाने का बुरा असर हमारे शरीर के विभिन्न अंगों पर होता है। इससे पहले विभिन्न अध्ययनों में धुआंरहित तंबाकू उत्पाद गुटखा से दांतों के खराब होने पर ही सहमति थी।