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धूम्रपान पर रोक का दावा करने वाले…स्वास्थ्य भवन में ये क्या कर डाला…

तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003
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जयपुर

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Vikas Jain

Jan 29, 2022

तंबाकू उत्पादों से बनाएं दूरी, कोरोना काल में घातक हो सकते हैं इसके परिणाम

तंबाकू उत्पादों से बनाएं दूरी, कोरोना काल में घातक हो सकते हैं इसके परिणाम


जयपुर. प्रदेश भर में धूम्रपान करने वालों पर रोक की कार्यवाही करने वाले स्वास्थ्य भवन में ही धड़ल्ले से धूम्रपान किया जा रहा है। राजधानी जयपुर के सी स्कीम स्थित मुख्यालय भवन में धूम्रपान करने वालों पर चालान व समझाइश की कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही में धूम्रपान करते पाए 10 व्यक्तियों का चालान किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर यह कार्यवाही की गई।

तंबाकू नियंत्रण के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. एसएन धौलपुरिया ने बताया कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के अंतर्गत निदेशालय व सीएमएचओ जयपुर प्रथम व द्वितीय की टीमों ने निदेशालय परिसर में आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि तम्बाकू उत्पादों का सेवन करते व्यक्तियों से 1500 रुपए के चालान काटने की कार्यवाही की गई है। टीमों ने निदेशालय परिसर के आसपास संचालित चाय की थड़ियों पर कार्यवाही करते हुए धूम्रपान निषेध अधिनियमों और तम्बाकू सेवन के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।

नहीं हो रही अधिनियम व प्रतिबंधों की पालना

प्रदेश में तंबाकू नियंत्रण अधिनियम की पालना बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर भी होती नजर नहीं आ रही है। सार्वजनिक स्थानों पर भी इनकी बिक्री होते देखा जा सकता है तो बाजार में भी इनका खुला प्रदर्शन कर बिक्री की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन पर कार्यवाही करती कभी कभी ही नजर आती है। जो कार्यवाही होती है, उसका भी असर इनकी बिक्री करने वालों पर नहीं होता और बाद में उसी तरह बिक्री शुरू हो जाती है। जयपुर सहित प्रदेश के करीब करीब सभी बड़े शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इनका उपयोग बहुतायत में हो रहा है। प्रदेश में तंबाकू का उपयोग भी बहुतायत में किया जाता है। प्रदेश में अभी भी तंबाकू का सेवन करने वाले बच्चों का प्रतिशत 4.1 है, जो कि चिंताजनक है। राज्य सरकार युवाओं में नशे की लत रोकने के लिए राज्य में इलेक्ट्रोनिक सिगरेट की बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन को 30 मई 2019 को ही प्रतिबंधित कर चुकी है।