
टोंक रोड. करोड़ों रुपए की लागत से लाखों लोगों के लिए आवागमन को सुगम बनाने के लिए बनाए गए अर्जुन नगर और कल्याण नगर अंडरपास खामियों के चलते आमजन को सुविधा देने की बजाए दुविधा दुविधा उत्पन्न कर रहे हैं।
गौरतलब है कि करीब 5 लाख से अधिक लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए दोनों अंडरपास का निर्माण किया गया, लेकिन खामियों के चलते लोग इनका उपयोग करने से बचते नजर आते हैं। कहीं स्पीड ब्रेकर परेशानी पैदा कर रहे हैं तो कहीं तेज गति से गुजरते वाहन। लाइटों की स्थिति यह है कि कभी जलती है और कभी नहीं। ऐसे में ये लोगों को लाभ पहुंचाने की बजाय परेशानी पैदा कर रहे हैं। खासबात यह है कि मानसरोवर, गुर्जर की थड़ी, शिप्रापथ, रिद्धी-सिद्धी, महेशनगर, त्रिवेणी नगर सहित कई क्षेत्रों के लाखों की सं या में वाहन चालक इस ओर से गुजरते हैं।
अर्जुन नगर अंडरपास : स्पीड ब्रेकर इतने बड़े, ध्यान हटा, दुर्घटना घटी
अर्जुन नगर फाटक पर करीब दो साल पहले अंडरपास बनाया गया। अंडरपास में तेज गति से गुजरने वाले वाहन चालकों पर काबू पाने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए लेकिन ये इतने बड़े बना दिए गए कि दुर्घटना रोकने की बजाए उसे आमंत्रित कर रहे हैं। इस अंडरपास में कुल 16 स्पीड ब्रेकर हैं, जिनमें दो बड़े और 14 छोटे है। ऐसे में ये हादसे रोकने में कम और परेशान ज्यादा करते हैं। दुपहिया वाहन चालक की हालत ऐसी हो जाती है जैसे कमर में तेज झटका सा लगे। कई बार इन स्पीड ब्रेकर पर दुपहिया वाहन चालक अंसतुलित होकर गिर भी गए। वहीं इसमें दोनों दिशाओं में आने वाले वाहन चालक भी परेशानी पैदा करते हैं। कई बार लोगों ने शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करीब 5 मीटर की चौड़ाई और दोनों ओर से वाहन आते जाते हैं। चौपहिया वाहन के नीचे स्पीड ब्रेकर टच होने से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं।
कल्याण नगर अंडरपास : तेज रफ्तार बन रही दुर्घटना का कारण
रेलवे और जेडीए की ओर से सरकार की वर्षगांठ 13 दिसंबर 2017 को कल्याण नगर अंडरपास को जनता को समर्पित किया गया था। इस अंडरपास में अर्जुन नगर की अपेक्षा 4 ही स्पीड ब्रेकर बनाए गए, लेकिन यहां अर्जुन नगर अंडर पास के विपरित और उचित मापदंड के अनुसार नहीं होकर सड़क पर चिपके हुए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं।
यह अंडरपास करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ। इसमें वाहनों की आवाजाही के अलावा करीब 40 मीटर लंबा पदमार्ग भी बना हुआ है।
लाइटें खराब, नहीं होती सफाई
दोनों ही अंडरपास की लाइटें बंद रहती हैं। इससे दिन हो या रात अंडरपास के अंदर हमेशा अंधेरा रहता है। कल्याण नगर अंडरपास की तो 5 माह में ही बत्ती गुल हो गई। अर्जुन नगर का हाल ये है कि यहां दोनों ओर से वाहन आने पर कई बार वाहन आपस में टकरा जाते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार रेलवे और जेडीए में इसको लेकर शिकायत है, लेकिन दोनों विभाग ही आंख मूंदे बैठे हैं।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
दिन ढलने के साथ ही यहां पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। पुलिस की गश्त नहीं होने से कई बार असामाजिक तत्व अंडर पास के मुहाने पर बैठकर शराब और वीयर की बोतल अंडरपास में ही फेंक देते हैं। कई दिनों तक सफाई नहीं होने से कचरे का ढेर लग जाता है।
-------------
दो सप्ताह से कल्याण नगर अंडरपास की लाइटें बंद पड़ी है। ऐसे में रात के समय परेशानी होती है। पैदल तो दूर वाहन चालक को निकलने में भी परेशानी होती है। अंडरपास निर्माण से लेकर शुरू होने तक ही विवादों में रहा।
-विकास अग्रवाल,
महेश नगर।
दो सप्ताह से लाइटें बंद पड़ी है। कई बार इसकी शिकायत की गई पर कोई ध्यान ही नहीं देता। ऐसे में रात के समय अंडरपास से निकलने में डर सा लगता है। लाइटें चालू हो तो परेशानी दूर हो।
-मोहन सोना,
करतारपुरा।
अर्जुन नगर अंडरपास में स्पीड ब्रेकर ही इतने हैं कि कई बार वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो चुके है। अधिकांश समय यहां की लाइटें खराब रहती है जिसके कारण अंधेरा रहता है।
-सुरेन्द्र कुमार चौधरी,
अर्जुन नगर।
यह अंडरपास सुविधा कम दुविधा है। इसमें दोनों ओर से वाहन गुजरते हैं। ऐसे में दुर्घटना की संभावना रहती है। साथ ही लाइटें नहीं होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।
-ओमप्रकाश,
अर्जुन नगर।
अर्जुन नगर अंडरपास में स्पीड ब्रेकर को लेकर आई शिकायत के कारण कल्याण नगर अंडरपास में स्पीड ब्रेकर कम बनवाए गए हैं। लाइटों को कई बार सही करवा दिया गया, लेकिन असामाजिक तत्व हर बार नुकसान पहुंचा कर उन्हें खराब कर देते हैं।
-संजय माथुर,
एसएसजी,
उत्तर-पश्चिम रेलवे।
Published on:
17 May 2018 01:46 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
