
राजस्थान सरकार ने नए साल पर 28 आइएएस व 45 आइपीएस अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा तो दे दिया, लेकिन 18 दिन बाद भी नया पद नहीं मिलने से उनके ऑफिस के बाहर नेम प्लेट पुरानी ही लगी है। वर्ष 2022 बैच के 10 आइएएस अधिकारी राइजिंग राजस्थान के लिए उद्योग विभाग में ओएसडी लगाए, लेकिन सरकार इनकी वापसी कर एसडीएम लगाना ही भूल गई। इसी बैच के एक अधिकारी एपीओ हैं। इनमें से ज्यादातर अधिकारी काम छोड़कर तबादला सूची का इंतजार कर रहे हैं। सचिवालय में विभागीय कर्मचारियों में ‘बड़े साहिबों’ को लेकर चर्चा है कि आखिर इनकी तबादला सूची कब आएगी।
एक जनवरी को पदोन्नति पाने वाले आठ आइएएस अधिकारियों का मौजूदा पद अपग्रेड कर दिया गया, जबकि शेष अधिकारी पुराने पदों पर ही कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा चार माह पहले आरएएस से आइएएस बने 11 अधिकारियों को भी आइएएस के पदों पर नहीं लगाया गया। इसके विपरीत कोटा में संभागीय आयुक्त और केडीए आयुक्त सहित आइएएस के कई पद खाली हैं। कई अधिकारियों के पास अतिरिक्त प्रभार है। उन्हें भी तबादला सूची का इंतजार है, ताकि उनका काम कम हो सके।
भारतीय पुलिस सेवा के कई अधिकारी पदोन्नति के बाद भी पुराने पदों पर लगे हुए हैं। लता मनोज कुमार महानिरीक्षक से अतिरिक्त महानिदेशक पद पर पहुंच गईं, लेकिन वे राजस्थान पुलिस एकेडमी में आइजी पद पर ही कार्यरत हैं। डॉ. रवि, कैलाश चंद्र बिश्रोई और रणधीर सिंह डीआइजी से आइजी के रूप में पदोन्नत हो गए, लेकिन पुराने पद पर ही कार्य कर रहे हैं।
इसी तरह आइपीएस आंनद शर्मा, गौरव यादव, भुवन भूषण यादव, प्रहलाद सिंह कृष्णिया, शरद चौधरी, राजन दुष्यंत, शंकरदत्त शर्मा, राममूर्ति जोशी, अरशद अली, आलोक श्रीवास्तव को उपमहानिरीक्षक वेतन शृंखला में पदोन्नति मिल चुकी, लेकिन एसपी के पद पर कार्य कर रहे हैं।
Updated on:
20 Jan 2025 08:49 am
Published on:
20 Jan 2025 08:49 am
