सॉफ्ट टारगेट: आरोपी बुजुर्गों, महिलाओं और कम पढ़े-लिखे लोगों पर नजर रखते थे।
पिन पर नजर व स्क्रीन का खेल: पीछे खड़े होकर गुप्त पिन नंबर देख लेते, फिर स्क्रीन पर 'कार्डलेस' बटन दबाकर मशीन की प्रक्रिया बदल देते। पीड़ित के भ्रमित होते ही असली कार्ड पार कर फर्जी कार्ड थमा देते।
छीनाझपटी व फरार: अगर कोई पकड़ लेता तो जबरन कार्ड छीनकर भाग निकलते।
वारदात के बाद हाईवे से नहीं जाते: आरोपी बाइक से आते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए हाईवे के बजाय अंदरूनी गलियों से घूमकर दूसरे शहरों में ठिकाना बदलते थे।