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शांति धारीवाल के बयान पर जताया विरोध, यह कहा था मंत्री ने, देखिए वीडियो

युवा ब्राह्मण सभा परिवार के कार्यकर्ताओं ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बयान पर विरोध जताया है।

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udh shanti dhariwal comment on brahmin society

अलवर। युवा ब्राह्मण सभा परिवार के कार्यकर्ताओं ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बयान पर विरोध जताया है। ब्राह्मण समाज के युवा अध्यक्ष आकाश मिश्रा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को एक सामाजिक कार्यक्रम में मंत्री शांति धारीवाल ने कोटा के कोचिंग इंस्टीट्यूट के रिजल्ट की जाति के आधार पर तुलना की है।

ब्राह्मण सभा परिवार ने आरोप लगाया कि मंत्री धारीवाल ने ब्राह्मण समाज के अभ्यर्थियों की तुलना अन्य समाज के अभ्यार्थियों से कर जातीय अराजकता फैलाने का कार्य किया है, जबकि ब्राह्मण समाज का किसी से भी कोई विरोध या प्रतिस्पर्धा नहीं है। ब्राह्मण सभा परिवार ने धारीवाल से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की है। सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगे जाने पर उनके विरुद्ध प्रदर्शन किया जाएगा।

विप्र सेना ने किया प्रदर्शन
मंत्री शांति धारीवाल के वायरल हो रहे एक वीडियो में ब्राह्मण समाज को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का ब्राह्मण संगठनों ने कड़ा विरोध करते हुए समाज से माफी मांगने की मांग की है। शनिवार को सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास के बाहर विप्र सेना के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। शांति धारीवाल की अनुपस्थित में निवास स्थान के बाहर ही ज्ञापन चिपकाया गया। विप्र सेना प्रमुख सुनील तिवाड़ी ने कहा कि ब्राह्मणों पर जातिगत टिप्पणी धारीवाल के दिमाग का दिवालियापन है।

यह कहा था मंत्री ने
यूडीएच मंत्री ने एक कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज पर टिपण्णी करते हुए कहा कि बुद्धि का ठेका ले रखा है ब्राह्मणों ने। मैं उन ब्राह्मणों से कहता हूं कि तुमने अगर बुद्धि का ठेका ले रखा है तो मेरे यहां कोटा के कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं वो देशभर में प्रसिद्ध हैं। उनका जो रिजल्ट आता है उनमें 100 में से 70 आदमी बनिया कैसे आता है। तुम लोग कैसे पीछे रह जाते हो। उसका जवाब नहीं है उनके पास। आप उठाके देख लेना रिजल्ट में या तो मित्तल मिलेगा या जैन मिलेगा या अग्रवाल मिलेगा। धारीवाल ने यह भी कहा कि राजस्थान सचिवालय में आपको बनिया ही मिलेगा बैठा हुआ। जब तक हमारे लोगों के हाथ में प्रशासन की कुर्सी नहीं होगी, तब तक निश्चित तौर पर जैन समाज, अग्रवाल समाज, बनिया समाज को जो प्रोटेक्शन मिलना चाहिए, वो प्रोटेक्शन से हम महरूम रह जाते हैं।