10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

गणेश मंदिर रोप वेः शिलान्यास करने पहुंचे मंत्री महेश जोशी को पुलिस ने रोका, टैंट-कुर्सियां हटवाई, महंत-मैनेजर को नोटिस

नाहरगढ़ की पहाड़ी स्थित गढ़ गणेश मंदिर तक पहुंचने के लिए बनवाए जा रहे रोप-वे का मंदिर कमेटी की ओर से शिलान्यास कार्यक्रम रखा गया।
2 min read
Google source verification
minister_mahesh_joshi.jpg

जयपुर। नाहरगढ़ की पहाड़ी स्थित गढ़ गणेश मंदिर तक पहुंचने के लिए बनवाए जा रहे रोप-वे का मंदिर कमेटी की ओर से शिलान्यास कार्यक्रम रखा गया। इसका भूमि पूजन करने के लिए केबिनेट मंत्री महेश जोशी को आमंत्रित कर लिया गया। इसकी सूचना स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को लगी तो विवाद खड़ा हो गया। कार्यकर्ताओं ने मंत्री के हाथों शिलान्यास को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत कर दी। शिकायत पर हवामहल विधानसभा क्षेत्र की फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने पुलिस के सहयोग से कार्यक्रम को रुकवा दिया और मंत्री महेश जोशी को कार्यक्रम स्थल से पहले की रोक दिया गया। जिला निर्वाचन कार्यालय की टीम ने कार्यक्रम स्थल पर मंत्री महेश जोशी का नाम लिखी पट्टिका को भी हटवा दिया।

यह भी पढ़ें- Rajasthan Election : प्रियंका गांधी का आज राजस्थान दौरा, 42 सीटों पर होगा फोकस

जोशी नहर के गणेश मंदिर के बाहर गेट पर खड़े रहे। मंत्री के आने से पहले ही भाजपा बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यक्रम के लिए टैंट, कुर्सी लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई थी, जिसे विरोध के बाद हटवा दिया गया। बाद में गढ़ गणेश मंदिर महंत प्रदीप औदिच्य, आनंद मेहता, पं.विजयशंकर पांडे, मानस गोस्वामी, प्रवीण बड़े भैया, महंत रामजस ने ही नींव का मुहूर्त करवाया। निर्वाचन आयोग की टीम ने महंत और निजी कंपनी के मैनेजर को नोटिस देकर जवाब मांगा है। रिटर्निंग अधिकारी ने घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी है।

यह भी पढ़ें- Rajasthan elections 2023: वोटर लिस्ट में जुड़वाना चाहते हैं नाम तो आपके पास है अब आखिरी मौका, जानिए कैसे

दो साल बाद मिलेगी सौगात
रोप वे कंपनी के प्रबंधक निदेशक नितेश चौधरी और मदन लाल बाजिया ने बताया कि रोप-वे को बनने में दो साल को समय लगेगा और नौ करोड़ रुपए की लागत आएगी। नहर के गणेश मंदिर से शुरू होकर गढ़ गणेश मंदिर तक जाएगा। अभी गढ़ गणेश मंदिर तक जाने के लिए 365 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।

मंत्री करने जा रहे थे आचार संहिता का उल्लंघन : रिटर्निंग अधिकारी
सुबह 11 बजे शिलान्यास का कार्यक्रम तय हुआ, लेकिन विरोध की सूचना मिलने के बाद मंत्री कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके। 30 मिनट बाद जोशी वहां पहुंचे। नहर के गणेश मंदिर के बाहर मंत्री ने अपना पक्ष रखा। इससे पहले निर्वाचन विभाग की फ्लाइंग स्क्वाड टीम पहुंच गई। हवामहल रिटर्निंग अधिकारी देविका तंवर ने बताया कि विधानसभा चुनाव के चलते जिले में धारा 144 लागू हैं। ऐसे में सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक है। मंत्री अगर शिलान्यास करते तो आचार संहिता के उल्लंघन माना जाता। ऐसे में शिलान्यास से पहले ही कार्यक्रम को रुकवा दिया।


यदि मुझे नोटिस मिलेगा तो मैं इसका जवाब देने के लिए तैयार हूं। यह सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक निजी फर्म की ओर से शिलान्यास का कार्यक्रम था। एक पार्टी के लोग ऐसे हैं, जो खुद तो कुछ नहीं करते हैं। कोई दूसरा करें तो उसे रोकने की कोशिश करते हैं। कंपनी और बाकी लोगों की यह इच्छा थी कि मैं इसका शिलान्यास करूं, लेकिन शिकायतों के चलते निर्वाचन कार्यालय की टीम ने कार्यक्रम रोक दिया। काम शुरू हो गया, मुझे इस बात की खुशी है।
-महेश जोशी, मंत्री


आचार संहिता लगे होने के कारण शिलान्यास का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है। पांच संत महंतों की मौजूदगी में निजी तौर पर मुहूर्त कर नींव रखी।
-प्रदीप औदिच्य, महंत, गढ़ गणेश मंदिर

विधायक के विकास में भाजपा के रोडे अटकाने के आरोप निराधार हैं। हमने आचार—संहिता के उल्लंघन की शिकायत की थी। जिस पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है। विधायक से पूछें कि आचार—संहिता में इस तरह के उद्घाटन—शिलान्यास होते हैं क्या?
-सुरेंद्र पारीक, पूर्व विधायक, हवामहल

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग