
जयपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2017 के अंतिम परिणाम जारी कर दिए हैं। हैदराबाद के अनुदीप दुरिशेट्टी अव्वल रहे हैं। दूसरे नंबर पर अनु कुमारी और तीसरे पर सचिन गुप्ता हैं।
बेटी ने पूरा किया पिता का सपना
बाड़मेर के आजाद चाैक के मूल निवासी आैर वर्तमान में र्इराेड तमिलनाडु में निवासी अशाेक कुमार बाेथरा की बेटी प्रियंका ने जिले का नाम राेशन किया है। प्रियंका का आर्इएएस में 106वीं रैंक पर चयन हुआ है। प्रियंका आर्इएएस बनने वाली थार की पहली बेटी हैं।
प्रियंका जब 11वीं कक्षा में थी ताे एक बार उनके पिता ने कहा था कि बेटी तुझे कल्कटर बनना है आैर वह पिता के सपने का साकार करने में जुट गर्इ। 24 साल की उम्र में IAS में चयनित प्रियंका का कहना है कि दूसरी बार परीक्षा दी आैर सफल हुर्इ हूं।
सवाई माधोपुर के सिद्धार्थ जैन की 11वीं रैंक
भीलवाड़ा के अभिषेक सुराणा की दसवीं रैंक, सवाई माधोपुर के सिद्धार्थ जैन की 11वीं, जयपुर की आशिमा मित्तल ने 12वीं, अजमेर के शिशिर गेमावत की 35वीं, जैसलमेर के देशलदान ने 82वीं रैंक रही। कोटा के अनंत जैन की 85वीं, अजमेर के प्रतीक जैन की 86वीं, जयपुर की कृतिका जैन की 197वीं व दीपक जेवरिया की 880वीं रैंक रही।
अभी आइपीएस ट्रेनिंग पर हैं अभिषेक
अभिषेक का इससे पहले आइएफएस और फिर आइपीएस में चयन हो चुका है। वे वर्तमान में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उनके पिता डॉ.अनिल सुराणा राजकीय सेठ मुरलीधर मानसिंहका कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापक हैं, जबकि माता सुनीता सुराणा समाज सेविका हैं। अभिषेक की वर्ष 2017 में यूपीएससी में 250वीं रैंक थी।
पांचवें प्रयास में सफलता
सवाई माधोपुर के सिद्धार्थ ने पांचवें प्रयास में सफलता पाई। अपनी सफलता के लिए उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों व दोस्तों को श्रेय दिया। सिद्धार्थ के पिता विमल कुमार जैन शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं, वहीं मां चित्रा शिक्षिका हैं।
किसान के बेट का चयन
82वीं रैंक पाने वाले देशलदान का पूर्व में आईएफएस में भी चयन हो चुका है। सुमेलियाई गांव के निवासी देशलदान के पिता कुशलदान रतनू पेशे से किसान हैं। वे वर्तमान में चाय की स्टॉल चलाते हैं।
प्रतीक वर्तमान में भारतीय वन सेवा में कार्यरत हैं। उन्होंने पिछले वर्ष भारतीय वन सेवा में अखिल भारतीय स्तर पर तीसरी रैंक हासिल की थी। प्रतीक ने बताया कि आईएएस बनना उनका पहला लक्ष्य था। पिछले साल भारतीय वन सेवा में अच्छी रैंक हासिल करने के बावजूद वे संतुष्ट नहीं हुए। आइएएस बनने के लिए उन्होंने सालभर तक तैयारी की।
मैकेनिकल इंजीनियर अनंत कोटा पीएफ ऑफिस में प्रवर्तन अधिकारी हैं। उन्हें दूसरी बार में यह सफलता मिली है। अनंत के पिता राम नारायण जैन इंश्यारेंस कम्पनी में प्रशासनिक अधिकारी हैं, जबकी मां समता जैन केन्द्रीय विद्यालय क्रम-1 में टीचर हैं।
Published on:
28 Apr 2018 09:41 am
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