उर्दू ड्रामा फेस्टिवल का दूसरा दिन
संगीतमय नाटक ‘इश्क पर जोर नहीं’ का मंचन
जयपुर। इश्क के बारे में कुछ पूछना है तो इश्क से ही पूछ क्योंकि इश्क की कहानी सिर्फ इश्क ही बयान कर सकता है…राजस्थान उर्दू अकादमी के उर्दू ड्रामा फेस्टिवल में यह लफ्ज़ पूरी तरह साकार होते नजर आए जब पीपुल्स मीडिया थिएटर के बैनर तले कोई दो दर्जन कलाकारों ने बड़ी शिद्दत से ‘इश्क पर जोर नहीं ड्रामा पेश किया। उर्दू की मशहूर अफसानानिगार इस्मत चुगताई के एक कहानी को केंद्र बनाकर लिखे इस नाटक का निर्देशन नाट्य गुरु अशोक राही ने किया था। इस संगीतमय में नाटक में जाने.माने शायर गालिब, मीर एमेहमूद खिजा़ सहित कई शायरों के अशआर और गजलों को दृश्यों में पिरोया गया था। इश्क पर जोर नहीं एक बेवा औरत खलीफन की कहानी है जो एक गरीब युवती बन्नो के हकों की खातिर समाज से जोरदार संघर्ष करती है और जीतती भी है। नाटक में प्रतिभा पारीक ने खलीफन ,एचारू भाटिया ने बन्नो और अंजलि सक्सेना ने थानेदारनी का शानदार अभिनय किया। इनके साथ संजय महावर, नितिन सैनी और अनिल बबैरवा का अभिनय भी काबिले तारीफ था। दूसरे कलाकारों में जय सोनी ,अभिषेक, अमित झा,अक्षय काष्टिया, दीक्षांक शर्मा,रोनी सिंह, जीतेश सहारन, मनोज चौधरी राघव राजपूत ,जितेंद्र पंवार,राहुल कुमार ने तरह.तरह के किरदार निभाए । नाटक की खूबी इसका संगीत भी था। युवा गायक प्रियांशु पारीक,अमित झा और अनिल बैरवा ने बहुत पूर्ण ढंग से जाने.माने शायरों की गजलों को गाया।