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ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए खुशखबरी, सरकार उठाने जारी ये बड़ा कदम

राज्य सरकार ने माना है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन वितरित किए जाने से प्रदेश में शिशु और मातृ मृत्यु दर भी कम होगी। लिहाजा अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भी इसे शामिल किया गया है।
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जयपुर। राज्य सरकार ने माना है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन वितरित किए जाने से प्रदेश में शिशु और मातृ मृत्यु दर भी कम होगी। लिहाजा अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भी इसे शामिल किया गया है।

दरअसल, प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए पिछले साल बजट में घोषित मेंस्ट्रुअल हाइजीन स्कीम की तरह ही देश के कई अन्य राज्यों में भी ऐसी ही योजनाएं हैं। इनमें दिल्ली, ओडिशा, कर्नाटक, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू, केरल, असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य शामिल हैं।

लेकिन राजस्थान में करीब 88 फीसदी ग्रामीण महिलाओं द्वारा सैनेटरी नैपकिन उपयोग नहीं किए जाने और संक्रमण का खतरा होने के बावजूद इसे दरकिनार कर दिया गया। जबकि इस संक्रमण से परेशान महिला के प्रसव के समय खुद और शिशु की जान को भी खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए अब चिकित्सा विभाग का पूरा ध्यान पिछली कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई निशुल्क दवा योजना को अपग्रेड करने पर है। ऐसे में यह योजना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल की जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग समन्वित रूप से चलाएंगे।

दरअसल, इस योजना को आगे बढ़ाने का मुख्य जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का भी है। चिकित्सा विभाग के अधीन राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (आरएमएससी) के तहत इसकी प्रक्रिया पूरी की जानी है, लेकिन उससे पहले इसकी पूरी स्वीकृति में कई विभाग शामिल होंगे। योजना के तहत इनका वितरण स्कूल, कॉलेज, आंगनबाड़ी केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, अन्नपूर्णा भंडार के माध्यम से किया जाना था। जिस तरह से केंद्रों का चयन किया गया था, उससे यह माना गया था कि योजना निशुल्क ही होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों की करीब एक करोड़ 15 लाख ग्रामीण महिलाओं को नि:शुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की पिछली सरकार की मेंस्ट्रूअल हाईजीन स्कीम घोषणा के पैकेट से ही बाहर नहीं निकल पाई। पिछले साल बजट में घोषणा तो हुई, लेकिन न तो 90 करोड़ का बजट उपलब्ध कराया और न ही इसे शुरू किया गया। जबकि मुख्य सचिव स्तर तक हुई बैठकों में योजना को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए थे। भाजपा सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट घोषणा पत्र में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 15 से 45 वर्ष आयु की किशोरियों व महिलाओं के लिए नि:शुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।