11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उत्तराखंड एसटीएफ ने मेडिकल की फर्जी डिग्री बेचने वाले को राजस्थान में किया गिरफ्तार

राजस्थान के मदनगंज-किशनगढ़ से उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स ने शनिवार को फर्जी मेडिकल डिग्री देने के आरोपी को एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी निशानदेही पर कई यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां और जाली मोहर बरामद की गई हैं। आरोपित के तार राजस्थान से भी जुड़े हैं।

2 min read
Google source verification
04022023jpr91.jpg

राजस्थान के मदनगंज-किशनगढ़ से उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स ने शनिवार को फर्जी मेडिकल डिग्री देने के आरोपी को एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उसकी निशानदेही पर कई यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां और जाली मोहर बरामद की गई हैं। आरोपित के तार राजस्थान से भी जुड़े हैं।

उत्तराखंड एसटीएफ ने बीती 10 जनवरी को दबिश देकर इमरान पुत्र इलियास निवासी शेरपुर मुजफ्फरनगर को बाबा ग्रुप ऑफ काॅलेज से गिरफ्तार किया। पूछताछ में कॉलेज मालिक और सरगना इम्लाख (36) पुत्र मोहम्मद इलियास का नाम सामने आया। उत्तराखंड एसटीएफ की टीम दो फरवरी की देर रात किशनगढ़ स्थित एक गेस्ट हाउस पहुंची। टीम शेरपुर थाना मुजफ्फरनगर निवासी इम्लाख (36) को गिरफ्तार कर ले गई।

राजस्थान के दो विश्वविद्यालयों की डिग्रियां भी निकालीं

इम्लाख और उसके भाई के कब्जे से कई विश्वविद्यालयों की रिक्त डिग्रियां मोहर आदि बरामद की गई हैं। इसे यूपी का सबसे बड़ा शिक्षा माफिया बताया गया है। वह राजस्थान की गीतांजली यूनिवर्सिटी और जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां भी जारी कर चुका है। इनके अलावा कर्नाटक राजीव गांधी यूनिवर्सिटी, बिहार बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर, मगध यूनिवर्सिटी बिहार पं. भगवन दयाल यूनिवर्सिटी रोहतक की डिग्रियां भी जारी की हैं।

पकड़े थे फर्जी आयुर्वेद चिकित्सक
एसटीएफ ने 10 जनवरी को आयुर्वेदिक चिकित्सक प्रीतम सिंह एवं मनीष अली को गिरफ्तार किया था। इनकी बीएएमएस की मूल डिग्री फर्जी पाई गई। दोनों के खिलाफ देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया था।

कई साल से कर रहा धंधा

इम्लाख बाबा ग्रुप ऑफ काॅलेज मुज्जफरनगर का संचालक है। वह भाई इमरान के साथ कई साल से 80 हजार से 10 लाख रुपए तक रकम लेकर फर्जी डिग्री जारी करता है। बरला थाना क्षेत्र मुजफ्फरनगर में कॉलेज चलाकर मेडिकल, डिग्री काॅलेज में बी-फार्मा, बीए, बीएससी आदि के कोर्स संचालित करता है। इम्लाख के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट बलवे के 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अब तक जारी फर्जी डिग्रियां
- बीएएमएस करीब 100 से 150
- एमबीबीएस की 01
- डी फार्मा की 40 से 50
- हाई स्कूल की मार्क शीट 150
- इंटर की मार्कशीट 150

करोडों की संपत्ति का मालिक

इम्लाख वर्ष 2011 से बाबा चेरिटेबल ट्रस्ट मुजफ्फरनगर का संचालन कर रहा। वह इसका चेयरमैन है। इसमें 11 सदस्य हैं। ट्रस्ट बाबा मेडिकल कॉलेज बरला मुजफ्फरनगर, बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बाबा हाई स्कूल और बाबा डिग्री कॉलेज बरला संचालित कर रहा है।

सीएम धामी के निर्देश पर कार्रवाई
उत्तराखंड के सीएम पुष्करसिंह धामी के निर्देश पर विशेष निगरानी की जा रही है। जल्द ही अब उन झोलाछाप चिकित्सकों को पकड़ा जाएगा जिन्होंने इम्लाख से फर्जी डिग्रियां लेकर प्रेक्टिस शुरू कर दी है। इम्लाख को देहरादून से आई स्पेशल टास्क फोर्स की टीम गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।