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वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान: जल व पर्यावरण संरक्षण को मिला नया आयाम

अभियान के तहत जिले में हुआ ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम। श्रमदान, पौधरोपण, जनजागरुकता और संरचनात्मक कार्यों का हुआ लोकार्पण।

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Jun 11, 2025

कोटपूतली-बहरोड़. जल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिले में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' ने नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया है। जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की ओर से जिले के चारों ब्लॉकों बानसूर, बहरोड़, नीमराणा और कोटपूतली में आयोजित कार्यक्रमों में जनसहभागिता रही। इन आयोजनों में जहां ग्रामीणों ने श्रमदान कर उदाहरण प्रस्तुत किया वहीं अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जल संरचनाओं का लोकार्पण कर अभियान को गति दी। कार्यक्रमों में श्रमदान, पौधारोपण, जनजागरूकता और संरचनात्मक कार्यों के लोकार्पण की श्रृंखला रही।
जिले के चार ब्लॉकों कोटपूतली, बहरोड़, नीमराणा और बानसूर ब्लॉक में जनसहभागिता और पर्यावरण चेतना की नई मिसाल कायम की है। बानसूर ब्लॉक के ग्राम मंगलवा ग्राम पंचायत सबलपुरा में हुए मुख्य कार्यक्रम में "मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान" के तहत निर्मित एनीकट का लोकार्पण पंचायत प्रतिनिधियों ने किया। कोटपूतली ब्लॉक में अमृत सरोवर रपटा के समीप विकास कार्यों का फीता काटकर शुभारंभ किया गया। इसी तरह बहरोड़ ब्लॉक के चांदी चाना गांव में तालाब निर्माण और नीमराणा ब्लॉक की नंगली बलाई पंचायत में रोलिया जोहड़ रिचार्ज शाफ्ट कार्य का लोकार्पण हुआ।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण
हर ब्लॉक में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण कर न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि जनमानस को भावनात्मक रूप से भी जोड़ा गया। सभी कार्यक्रमों में उपखंड अधिकारी, विकास अधिकारी, विभागीय इंजीनियर और पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

जल संरक्षण की दिलाई शपथ
नीमराणा में अधीक्षण अभियंता हरिमोहन बैरवा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्य में गिरते भूजल स्तर और वर्षा की सीमित मात्रा की चुनौती का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमृत सरोवर, जोहड़, एमपीटी, एनीकट जैसे कार्यों के माध्यम से सतही जल के संचयन और भूजल पुनर्भरण की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
अधीक्षण अभियंता बैरवा ने बताया कि जिलेभर में प्रतिदिन आयोजित हो रहे कार्यक्रमों में आमजन की बड़ी भागीदारी इस बात का संकेत है कि जल व पर्यावरण संरक्षण अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। अधीक्षण अभियंता बैरवा ने जानकारी दी कि 5 से 20 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले भर में एनीकट, एमपीटी, जोहड़, तलाई, वृक्षारोपण और श्रमदान जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले ने अब तक की प्रगति के आधार पर प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। सामूहिक जनभागीदारी का यह प्रयास आने वाले समय में क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन व जल संकट समाधान में निर्णायक भूमिका निभाएगा।