
जयपुर। 2018 में जब विधानसभा चुनाव से पहले किरोड़ी लाल मीणा की भाजपा में वापसी हुई तो वसुंधरा राजे ने गुलदस्ता भेंट कर उनका पार्टी में स्वागत किया था, लेकिन अब Hanuman Beniwal की पार्टी RLP के साथ BJP के गठबंधन के एलान को लेकर रखे गए प्रेस सम्मेलन से पूर्व सीएम Vasundhara Raje की गैर मौजूदगी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
जिस समय प्रदेश भाजपा कार्यालय में हनुमान बेनीवाल और भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी गठबंधन को लेकर साझा बयान दे रहे थे, उस समय राजे जयपुर में सिविल लाइंस स्थित अपने बंगले में ही थीं। इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि बेनीवाल और भाजपा के बीच समझौते को लेकर क्या वसुंधरा राजे से सहमति नहीं ली गई? हनुमान बेनीवाल को राजे का कट्टर विरोधी माना जाता है और राजे की वजह से ही उन्होंने भाजपा से दूरी बनाई थी।
नागौर के मौजूदा सांसद सीआर चौधरी को राजे का करीबी माना जाता है। गठबंधन के बाद भाजपा ने नागौर सीट आरएलपी के लिए छोड़ी है। नागौर से चुनाव में खुद हनुमान बेनीवाल ताल ठोक रहे हैं। साफ है कि सीआर चौधरी का पत्ता साफ हो गया है। ऐसे में हो सकता है अपने करीबी का टिकट कटने और विरोधी की पार्टी से गठजोड़ से राजे खफा हों। राजे की तरफ से गठबंधन को लेकर अब तक कोई बयान नहीं आया है। इससे उनकी नाराजगी की बात को और बल मिल रहा है।
हालांकि ऐसी चर्चाओं को नकारते हुए राजस्थान के चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बेनीवाल को भाजपा के साथ लेने से पहले उन्होंने वसुुंधरा राजे से बात की थी और उनकी सहमति के बाद ही पार्टी ने यह कदम उठाया है। वहीं बेनीवाल बार-बार वसुंधरा राजे को लेकर पूछे जा रहे सवालों को यह कहकर टालते रहे कि उन्होंने यह गठबंधन राष्ट्रीय हित में किया है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने बेनीवाल के साथ गठबंधन का स्वागत किया है। किरोड़ी लाल मीणा 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने अपनी पार्टी राजपा का भाजपा में विलय किया था। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राज्यसभा से सांसद बना दिया। भाजपा में आने के बाद किरोड़ी ने कहा था कि वे बेनीवाल को भाजपा में लाने के लिए राजी कर सकते हैं। हालांकि बेनीवाल ने उस समय ऐसी किसी संभावना से इनकार कर दिया था।
Updated on:
05 Apr 2019 01:38 pm
Published on:
05 Apr 2019 01:25 pm
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