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Ashok Gehlot सरकार में अपने ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ की दुर्दशा देखकर ‘बिफरीं’ Vasundhara Raje, जानें क्या कह डाला?

जयपुर स्थित द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट की दुर्दशा का मामला, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट प्रतिक्रिया में ज़ाहिर की चिंता, गहलोत सरकार पर निशाना साधने के साथ की अपील, 'पत्रिका' ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा, दिखाई थी ज़मीनी हकीकत

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Vasundhara Raje takes on Ashok Gehlot on Dravyavati River Project

जयपुर।

पूर्ववर्ती सरकार के दौरान जयपुर स्थित द्रव्यवती नदी ड्रीम प्रोजेक्ट की दुर्दशा पर अब खुद पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने इस सिलसिले में आज एक के बाद एक तीन ट्वीट साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। राजे ने कहा कि द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट ना सिर्फ पूर्ववर्ती भाजपा सरकार का एक ड्रीम प्रोजेक्ट थी, बल्कि जयपुर के लाखों लोगों की उम्मीदें भी थी। इस प्रोजेक्ट के लिए हमने एक संकल्प लिया था और 1 हज़ार 400 करोड़ रूपए की लागत से एक गंदे नाले को सुंदर एवं स्वच्छ नदी के रूप में परिवर्तित करने की दिशा में काम किया था।

उन्होंने कहा कि करीब 47 किलोमीटर लम्बे द्रव्यवती रिवर फ्रंट के रूप में एक नए, खूबसूरत एवं स्वच्छ जयपुर की छवि निखरकर हम सबके सामने आई थी। लेकिन राज्य सरकार की संवेदनहीनता व लापरवाही के चलते द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट भी अब अव्यवस्था का शिकार हो गया है।

एक अन्य ट्वीट में राजे ने गहलोत सरकार पर निशाना साधते हुए अपील भी की। उन्होंने सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्रव्यवती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को राजनीतिक चश्मे से ना देखे, बल्कि इसे जनहित के नजरिए से देखे।

राजे ने उम्मीद जताई कि अगर सरकार इस प्रोजेक्ट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे तो ये ना सिर्फ जयपुर की सुंदरता में चार चांद लगा सकता है बल्कि देश और दुनिया में भी एक उदाहरण बन सकता है। राजे ने अपनी ट्वीट प्रतिक्रिया के साथ पत्रिका में प्रकाशित खबर की क्लिप भी साझा की।

गौरतलब है कि द्रव्यवती प्रोजेक्ट की दुर्दशा को हाल ही में 'पत्रिका' ने ही प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि किस तरह से करोड़ों की लागत से बने इस प्रोजेक्ट की स्थिति बनी हुई है। सरकार के सम्बंधित विभागों की ढुलमुल कार्यशैली और अनदेखी के चलते नदी क्षेत्र में कहीं गंदा पानी बह रहा है, तो कहीं जगह-जगह पानी जमा हो रहा है। वहीं घूमने के लिए बनाये गए ट्रेक पर भी कई जगहों पर मिटटी के ढेर लगे हुए हैं।