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जयपुर में करोड़ों के फुटबॉल ग्राउंड में लगी आग बनी अबूझ पहेली, अब आई लीग के मैच पर संकट

Astro Turf Football ground Jaipur: स्पोर्ट्स काउंसिल ने पटाखों के कारण यह आग लगने की बात कही है, जबकि जानकारों का कहना है कि यह आग एक साथ इतने बड़े क्षेत्र को नहीं घेर सकती।

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जयपुर

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Alfiya Khan

Nov 07, 2024

Astro Turf Football ground Jaipur

जयपुर। राजधानी के विद्याधरनगर स्टेडियम में 13 करोड़ की लागत से बने राजस्थान के एकमात्र एस्ट्रोटर्फ फुटबॉल ग्राउंड पर दीपावली पर लगी आग से मैदान का एक बड़ा हिस्सा जल गया। यहां जल्द ही फुटबॉल का एक बड़ा टूर्नामेंट भी होने वाला है। विद्याधर नगर स्टेडियम में लगी ये आग अब चर्चा का विषय बन गई है।

हालांकि स्पोर्ट्स काउंसिल ने पटाखों के कारण यह आग लगने की बात कही है, जबकि जानकारों का कहना है कि यह आग एक साथ इतने बड़े क्षेत्र को नहीं घेर सकती। इसमें सुरक्षा की घोर लापरवाही नजर आ रही है, क्योंकि मैदान का इतना बड़ा हिस्सा जल गया और स्टेडियम में किसी को पता तक नहीं चला। मॉर्निंग वॉक करने आए लोगों और गार्ड को ग्राउंड में आग की जानकारी लगते ही उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचित किया। अब सवाल यह है कि अगर यह बात रात में ही पता चल जाती तो तुरंत ही आग बुझाई जा सकती थी।

कृत्रिम घास और रबर की लेयर

एस्ट्रोटर्फ मैदान पूरी तरह समतल होता है। इसमें कृत्रिम घास बिछाई जाती है, जो साधारण घास की अपेक्षा अधिक मजबूत होती है। यह विदेशों से मंगाई जाती है। इस घास की पकड़ मजबूत होती है, जिससे खेलने के दौरान यह उखड़ती नहीं है। घास उगाने के बाद इसमें रबर की लेयर डाली जाती है। इससे मैदान पर गड्ढे होने की समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

जल्द होने वाली है आई लीग

वर्तमान में स्पोर्ट्स काउंसिल ने यह फुटबॉल मैदान राजस्थान यूनाइटेड फुटबाॅल क्लब (आरयूएफसी) और राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन (आरएफए) को एक वर्ष के लिए दे रखा है। यहां अगले माह ही फुटबॉल की प्रतिष्ठित आई-लीग होने वाली है। हाल ही आरएफए ने यहां टूर्नामेंट आयोजित किया था। मैदान के चारों ओर दीवार बनी हुई हैं और प्रैक्टिस के बाद गेट पर ताला लग जाता है। स्टेडियम पर स्पोर्ट्स काउंसिल का और आरयूएफसी का गार्ड भी बैठता है। मैदान के चारों ओर बसावट के कारण लोगों की आवाजाही भी रहती है।

जांच जारी है

स्टेडियम में हुई आगजनी की जांच जारी है। अभी पूरी तरह से कहा नहीं जा सकता कि आग कैसे लगी। इसका कारण है कि एस्ट्रोटर्फ पर एकदम से आग नहीं लगती। रबर धीरे-धीरे जलता है, अगर रात में ही पता लग जाता तो आग इतना बड़ा क्षेत्र नहीं घेरती। हमने ठेकेदारों से कहा है कि, वे जले हुए क्षेत्र को दुरुस्त करे क्योंकि अगले माह ही आई-लीग फुटबॉल टूर्नामेंट होने वाला है। यहां सुरक्षा के लिए अब दो गार्ड लगाए जाएंगे। रोशनी समेत कई व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा।
-दिलीप सिंह शेखावत, सचिव, आरएफए

सूचना मिलते ही की कार्रवाई

आग देर रात लगी। यहां चारों ओर घनी आबादी है। दीपावली के समय आतिशबाजी के दौरान कब यहां आग लगी किसी को पता नहीं चल पाया। इतना बड़ा स्टेडियम है गार्ड गेट पर ड्यूटी देता है। मैदान की चाबी हमारे पास नहीं रहती। अलसुबह जैसे ही पता चला गार्ड ने फायर ब्रिगेड को सूचित किया और आग बुझा दी गई। हालांकि यहां अभ्यास अभी चालू है।
-करण सिंह, खेल अधिकारी, विद्याधरनगर स्टेडियम

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