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क्या विजय बैंसला की चेतावनी के सामने झुकी सरकार? BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तोड़ी चुप्पी

विजय बैंसला को लेकर प्रदेश भाजपा के आंतरिक अनुशासन और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे थे। जिस पर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने चुप्पी तोड़ दी है।

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vijay bainsla on bjp

Photo- Patrika

राजस्थान के पीलूपुरा में गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष और भाजपा पार्टी सदस्य विजय बैंसला के नेतृत्व में गुर्जर समाज ने महापंचायत की थी। जिसमें सरकार ने गुर्जर समाज की अधिकतर मांगों पर सहमति जताई। बैंसला ने राज्य सरकार पर दबाव बनाने में सफलता पाई और चेतावनी दी कि अगर अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) के लिए 5 फीसदी आरक्षण की मांग को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया तो आगे बड़ा आंदोलन करेंगे।

जिसके बाद विजय बैंसला को लेकर प्रदेश भाजपा के आंतरिक अनुशासन और नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे थे। लेकिन अब प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने चुप्पी तोड़ दी है। गौरतलब है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2023 में देवली-उनियारा से विजय बैंसला को उम्मीदवार बनाया। हालांकि वे कांग्रेस उम्मीदवार हरीश मीना से हार गए। माना जाता है कि तब से ही पार्टी के भीतर दरकिनार कर दिए गए थे।

मांग रखने का सबको अधिकार- विजय बैंसला

हालांकि बुधवार को भाजपा पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ चुके गुर्जर नेता विजय बैंसला की ओर से आंदोलन का नेतृत्व करने के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि विजय ने अपनी समाज के लिए मांग उठाई है। मांग रखने का अधिकार सबको है, लेकिन अपनी मांग के लिए जनता को परेशान करना ठीक नहीं है।

सरकार से इन मांगों पर बनी सहमति

-MBC आरक्षण विधेयक को 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
-आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए समझौते की सही तरीके से पालना की जाए।
-सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ दिया जाए।
-देवनारायण योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन किया जाए।
-आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकदमों को वापस लिया जाए।
-आंदोलन के मारे गए मृतकों को शेष आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति की जाए।
-रीट भर्ती 2018 में शेष 372 पदों पर नियुक्त किया जाए।

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