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Good News : ख़त्म होगा इंतज़ार! राजस्थान में जल्द दौड़ेंगी ‘डबल डेकर’ बसें, सामने आया पूरा प्लान

राजस्थान के शहरी परिवहन और पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे प्रमुख शहरों की सड़कों पर इलेक्ट्रिक डबल डेकर बसें उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। यह कदम न केवल प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगा, बल्कि इन पर्यटन शहरों में आने वाले सैलानियों के लिए एक नया और रोमांचक अनुभव भी लेकर आएगा।

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राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के तीन बड़े शहरों की सार्वजनिक परिवहन में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। दरअसल, सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) ने 50 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डबल-डेकर बसों की खरीद के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। खास बात यह है कि केंद्र की 'पीएम ई-बस सेवा' से इतर, इन डबल डेकर बसों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

किन शहरों को कितनी बसें मिलेंगी?

योजना के अनुसार, कुल 50 बसों में से सर्वाधिक बसें इस तरह से अलग-अलग शहरों के हिस्से में आएंगी:

  • जयपुर: 30 डबल डेकर बसें (शहर के प्रमुख मार्गों और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए)।
  • जोधपुर: 10 डबल डेकर बसें (पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए)।
  • उदयपुर: 10 डबल डेकर बसें (झीलों की नगरी के खूबसूरत रास्तों के अनुकूल)।

JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, विभाग का लक्ष्य है कि दीपावली (2026) के आसपास इन बसों की पहली खेप मिल जाए ताकि दिसंबर की सर्दियों वाले पीक टूरिस्ट सीजन से पहले इन्हें सड़कों पर उतारा जा सके।

पर्यटन और कनेक्टिविटी पर फोकस

इन डबल डेकर बसों का मुख्य उद्देश्य केवल परिवहन नहीं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देना भी है। अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों के रूट इस तरह तय किए जाएंगे कि वे:

  • शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों (जैसे आमेर किला, मेहरानगढ़, सिटी पैलेस) को जोड़ें।
  • एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और मुख्य बस स्टैंडों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करें।
  • यात्रियों को शहर का 'पैनोरमिक व्यू' (Panoramic View) प्रदान करें, जो विशेषकर विदेशी और घरेलू सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।

रूट चयन की चुनौतियां, होगा सर्वे

जयपुर के कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत 25 बस कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। हालांकि, डबल डेकर बसें चलाने से पहले प्रशासन पुराने फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज (RoB), अंडरपास और हाइट बैरियर की जांच कर रहा है। बस की ऊंचाई को देखते हुए उन रूट्स को प्राथमिकता दी जाएगी जहाँ मार्ग में बाधाएं कम हों।

पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन ट्रांसपोर्ट'

ये बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक होंगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा। राजस्थान सरकार का यह कदम 'नेट जीरो' लक्ष्य की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे शहरों में शोर और वायु प्रदूषण कम होगा, जिससे निवासियों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।