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जमवारामगढ़ में विक्रम मीणा आत्महत्या का मामला: सहमति बनने के बाद फिर से हंगामा, नरेश मीणा ने दी ये चेतावनी

Rajasthan News: रायसर थाना क्षेत्र के विक्रम मीना के वनकर्मियों के साथ विवाद के बाद आत्महत्या करने के मामले में ग्रामीण और परिजन पुलिस थाने पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले दागे।
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जयपुर

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Nirmal Pareek

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Updated: 4 Oct 2025, 11:26 AM IST

Naresh Meena

फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan News: जयपुर के जमवारामगढ़ के रायसर थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव निवासी विक्रम मीना के वनकर्मियों के साथ विवाद के बाद आत्महत्या करने के मामले में शुक्रवार दोपहर ग्रामीण और परिजन पुलिस थाने पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। थाने का घेराव करने पर पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया। पुलिस-ग्रामीणों की झड़प में कई लोग घायल हुए।

बता दें, विक्रम के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए नरेश मीणा भी कल शाम को रायसर पहुंचे थे। देर रात नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ रायसर पहुंचे और धरना देकर बैठे। वहीं, अब नरेश मीणा ने ऐलान किया कि अगर शनिवार 3 बजे तक विक्रम मीणा के परिजनों से प्रशासन बातचीत नहीं करता है तो शव के साथ सीएम आवास की तरफ कूच करेंगे।

तीन वनकर्मियों से हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को विक्रम मीणा जंगल में बकरियां चराने गया था, जहां तीन वनकर्मियों के साथ उसका विवाद हुआ। युवक शिकायत लेकर रायसर थाना पहुंचा और 100 नंबर पर भी मदद मांगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद युवक ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जमवारामगढ़ के पूर्व विधायक गोपाल मीणा और प्रधान मानसी मीणा के नेतृत्व में गुरुवार रात से ही वन विभाग कार्यालय रायसर के सामने धरना शुरू हो गया।

शुक्रवार सुबह प्रदर्शनकारी मनोहरपुर-दौसा मार्ग पर जाम लगाने पहुंचे, लेकिन अधिकारियों की समझाइश पर धरनास्थल लौट गए। दोपहर में प्रदर्शनकारी पुलिस थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर दिया। भीड़ के थाने में घुसने पर पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसू गैस का प्रयोग किया। कई लोग घायल हुए। जयपुर ग्रामीण के अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और थाने को छावनी मेंबदल दिया।

पहले मांगों पर सहमति, फिर हुए असंतुष्ट

रायसर थाने में मृतक के परिजनों व ग्रामीणों के साथ जमवारामगढ़ विधायक, पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक के परिजनों को 18 लाख की आर्थिक सहायता राशि, 1 जने को संविदा पर नौकरी, एक डेयरी बूथ, हत्या की धाराओं में मामला दर्ज, हिरासत में लिए गए लोगों को बिना पुलिस कार्रवाई छोड़ने पर सहमति के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा दिया था, लेकिन शव के घर पहुंचने के बाद परिजन ने दबाव में सहमति करवाने का आरोप लगाया। इस दौरान मौके पर पहुंचे नरेश मीना भी समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।

इस दौरान जमवारामगढ़ CO प्रदीप यादव के नेतृत्व में पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों पर लाठीचार्ज किया, जिसके बाद माहौल और गरमा गया। लाठीचार्ज पर सवाल उठ रहे हैं कि यह कार्रवाई किसके आदेश पर की गई। लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस विधायक मनीष यादव, प्रशांत शर्मा, लोकसभा प्रत्याशी अनिल चोपड़ा और पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर भी रायसर पहुंचे। उन्होंने लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामला अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है।

आंधी प्रधान सहित अन्य घायल

लाठी भांजने के संबंध में जनप्रतिनिधियों ने जमवारामगढ़ सीओ प्रदीप यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पुलिसकर्मियों ने रायसर सीएचसी में दवाई लेने आए लोगों पर भी लाठियां भांजी। वहीं प्रधान के हाथ में भी चोट आई है।

वन विभाग ने की कार्रवाई

इस मामले में वन विभाग ने युवक के साथ विवाद में शामिल तीन वनकर्मी मुकेश जाट, श्याम लाल मीना और पवन यादव को निलंबित कर दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया।