
Vivah Muhurat 2021 Hindu Marriage Dates 2021 Shaadi Muhurat
जयपुर. 14 जनवरी को खरमास खत्म हुआ और मांगलिक कार्य प्रारंभ हो गए। इनमें शादियां भी शामिल हैं। 18 जनवरी को कई घरों में शहनाइयां गूंज सकती हैं जोकि इस साल यानि 2021 का पहला विवाह मुहूर्त होगा। हालांकि इसके बाद विवाह मुहुर्त का टोटा है। स्थिति ये है कि साल के शुरुआती 4 माह में विवाह के केवल नौ ही मुहूर्त है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि 18 जनवरी के बाद पहला विवाह मुहूर्त तीन माह बाद आएगा। दरअसल 19 जनवरी को देवगुरू बृहस्पति अस्त हो जाएंगे। गुरु तारा 16 फरवरी तक अस्त रहेगा। इसी दिन यानि 16 फरवरी को ही दैत्य गुरू शुक्र अस्त हो जाएंगे जोकि 17 अप्रैल तक अस्त रहेंगे। विवाह में बृहस्पति और शुक्र कारक ग्रह हैं और इनमें से किसी एक के अस्त हो जाने पर शादियां नहीं की जातीं।
ज्योतिषाचार्य पंडित जीके मिश्र के अनुसार अबूझ मुहूर्त विवाह आदि मांगलिक कार्यों के लिए उचित माने जाते हैं। अबूझ मुहूर्त में गुरु या शुक्र ग्रह के दोषों का दुष्प्रभाव खत्म हो जाता है। ये स्वयंसिद्ध मुहूर्त होते हैं इसलिए इनमें प्रारंभ किए गए कार्य शुभ और सफल होते हैं। अक्षय तृतीया, भड़ली नवमी, देव उठनी या देव प्रबोधिनी एकादशी के साथ ही वसंत पंचमी भी ऐसे ही स्वयंसिद्ध मुहूर्त में शामिल हैं।
खास बात यह है कि अबूझ मुहर्त होने के बाद भी इस बार वसंत पंचमी के दिन विवाह नहीं किए जा सकेंगे। पंचांगोें के अनुसार इस साल 16 फरवरी को वसंत पंचमी है। इसी दिन सूर्योदय के समय ही शुक्र अस्त हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार शुक्र तारा अस्त रहने की वजह से इस बार अधिकांश पंचांगों में वसंत पंचमी को विवाह मुहूर्त में शामिल नहीं किया गया है।
Published on:
15 Jan 2021 06:21 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
