किसानों के अरमानों पर फिरा पानी,बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुआ नुकसान

किसानों के अरमानों पर फिरा पानी,बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुआ नुकसान

नवसंवत्सर के शुभावसर पर हुई तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि ने प्रदेश के किसानों को बेहद निराश किया है। एक तरफ जहां लोग कोरोनो के डर से गर्मी की उम्मीद कर रहे थे वहीं कल हुई बारिश और मटर से भी बड़े आकार के ओलों ने उन्हें निराश कर दिया। कोरोनो की वजह से सारे देश में कफ्र्यू लगे होने की वजह से लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। एेसे में इस ओलावृष्टि ने किसानों को मायूस कर दिया। इस बरसात से गेंहू की फसल की बर्बादी को लेकर किसान चिंता फिर बढ़ गई। दूदू में थाथोली, कचनारिया, छापरवाड़ा सहित आसपास के गावों में बारिश के साथ ओलों की बरसात हुई। मांडलगढ़ और जहाजपुर में भी बरसात के साथ ओले गिरे जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

बांसी कस्बे में शाम छह बजे अचानक पलटा मौसम और ठंडी हवाओं के साथ बूंदा बांदी शुरू हुई। लगातार बदल रहे इस मौसम ने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया। पेच की बावड़ी कस्बे में शाम साढ़े पांच बजे से 6 बजे तक बरसात हुई। अचानक घने बादल छा गए और मेघ गर्जना के साथ तेज हवाएं चली। अचानक हुई बरसात से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। आपको बता दें कि इन दिनों खेतों में गेंहू की फसल की कटाई चल रही है। सैकड़ों बीघा गेंहू की फसल कट कर खेतों में पड़ी हुई है और सैकड़ों बीघा सूख कर खड़ी है। अचानक हुई बरसात से किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

अंधड़ के साथ बरसात, ओले भी गिरे
सीकर में भी मौसम कल मौसम बदला। शहर और आसपास के इलाके में दोपहर बाद पहले तो अचानक बूंदाबांदी हुई बाद में अचानक तेज अंधड़ के साथ बरसात के साथ ओले गिरने शुरू हो गए। करीब 10 से 20 मिनट तक इस दौरान चने के आकार के ओले गिरे। अचानक बदले मौमस से तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। बिगड़े मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई। कई जगह तेज अंधड़ ने खड़ी फसल को पसार भी दिया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिले में फसल कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्र में फसलों में नुकसान हुआ है।

खेतो में पड़ी फसलें बरसात से भीगी
पनवाड़ कस्बे समेत क्षेत्र के कई गांवों में सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। शाम पांच बजे करीब दस मिनट तक तेज रफ्तार से आंधी के कारण मकान की दीवार गिरने के कारण टीनशेड क्षतिग्रस्त हो गए। तेज बारिश के कारण कई खेतों में कटकर आड़ी पड़ी सरसों, चने और धनिए की फसल भीग गई। बरसात शुरू होते ही किसान फसलों को बरसात से बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। किसानों ने बताया कि पहले ही अतिवृष्टि की मार झेल चुके हैं और अब बेमौसम बरसात से उन्हें और अधिक आर्थिक नुकसान होगा।

मनोहरथाना में तेज हवा के बाद अंधड़ आने से बाजारों और खेतों में अफरा तफरी मच गई। कई जगह तो मकानों के टीन टप्पर तक उड़ गए और अफरा तफरी मच गई। वहीं सोजपुर में तेज हवा ने कुछ ही देर में आंधी का रूप ले लिया। जिससे किसानों के समक्ष परेशानी खड़ी हो गई क्योंकि उनकी फसल अभी खेतों में ही पड़ी हुई है।

बारां के शाहाबाद क्षेत्र में भी अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। क्षेत्र में तेज हवा चली और अच्छी बारिश हुई। बड़ानयागांव क्षेत्र में अंधड़ के साथ बरसात हुई। खेतों में गेहूं की फसल की कटाई चल रही है । कई खेतों में फसल पककर तैयार हो गई। बारिश के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। तालेड़ा के कैथूदा गांव का आसपास के इलाके में दोपहर को हुई बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

भदेसर क्षेत्र में बुधवार अपरान्ह बाद तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई। क्षेत्र के खोडीप, नन्नाणा एगरदाना आसावरा क्षेत्र में बुधवार अपराह्न 3 बजे के आसपास तेज हवा के साथ बरसात शुरू हुई जो 10 मिनट के अंतराल में बंद हो गई। वहीं मंडफिया भादसोड़ा बानसेन तथा अन्य गांवों में भी 4.15 बजे तेज हवा के साथ बरसात हुई। बरसात के कारण गेहूं की खड़ी फसल ऑड़ी पड़ गई। वहीं खलिहान में गेहूं, चना, जौ की फसल भी गीली हो गई। इस बरसात के कारण गेहूं का रंग भी धुल गया । इधर पछेती अफीम की बुवाई करने वाले किसानों के इन दिनों चीर चल रही है उन किसानों की अफीम धुल गई और अफीम के पौधे भी आड़े पड़ गए।

Rakhi Hajela Desk
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