
साइबर क्राइम पोर्टल पर रोजाना मिल रहीं 130 शिकायतें, पर दर्ज नहीं हो रही एफआईआर, भटक रहे हैं पीडित
डिजिटलाइजेशन के युग में साइबर क्राइम लगातार बढ़ रहा है, वहीं पुलिस पीडि़तों को न्याय नहीं दिला पा रही है। यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज नहीं की जा रही है। अप्रेल 2021 से अब तक 208 करोड़ रुपए की साइबर ठगी हो चुकी है। इसमें से मात्र 20.99 करोड़ रुपए की रिकवरी ही हो पाई है।
यह हाल पुलिस आयुक्तालय के चारों जिलों में साइबर क्राइम का है। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन साइबर क्राइम पोर्टल पर औसतन 130 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। नियमानुसार साइबर ठगी की राशि यदि एक लाख रुपए से कम है तो इस पर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज करवाई जानी चाहिए। वहीं राशि अगर एक लाख रुपए से ऊपर है तो एफआईआर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर थाने में होनी चाहिए। ठगी की राशि पांच लाख रुपए से अधिक है तो स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
विभाग की ओर से तय नियम के बावजूद कार्रवाई का अभाव बना हुआ है। पीडित लोग एफआईआर दर्ज कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। जिले के पुलिस उपायुक्त व आला अधिकारियों की सिफारिशों के बाद थानों में शिकायत दर्ज की जाती है।
केस 1- चित्रकूट थाने में पीडित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई। कई बार चक्कर लगाने के बाद पुलिस आयुक्त के आदेश पर चित्रकूट थाने में एफआईआर हुई।
केस 2- सिविल लाइंस में एक व्यापारी से सात करोड़ रुपए की साइबर ठगी हुई। एफआईआर दर्ज होने पर भी पुलिस नहीं कर पाई मामले का खुलासा।
केस 3- मानसरोवर स्थित ट्रैवल्स कंपनी से 31 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया। ठग ने ट्रैवल कंपनी के साइबर पोर्टल से टिकट करवाए और सोशल मीडिया पर बेचें। पुलिस ने टिकट विक्रेता व क्रेता पर कोई कार्रवाई नहीं की।
Published on:
28 Apr 2023 11:03 pm
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