
जयपुर/दांतारामगढ़। औलाद के रूप में तीन लडक़े। तीनों ही ऐसी बीमारी से ग्रसित कि उठना-बैठना, खाना, पीना दूभर। धौलासरी ग्राम पंचायत की गोड़ा की ढाणी निवासी हीरालाल कुमावत के परिवार के तीन सदस्य दस साल से इस बीमारी का दंश झेल रहे हैं। हीरालाल का बड़ा बेटा युगल किशोर (16), दूसरा निर्मल (9) पूरी तरह से अपाहिज हो चुके हैं वहीं सात वर्षीय अर्जुन की हालत भी अब बड़े भाइयों जैसी होने लगी है।
सात साल के होते ही जकड़ लेती है बीमारी
हीरालाल कुमावत ने बताया कि सात साल के होते ही उसके बेटों को यह बीमारी जकड़ लेती है। युगल किशोर जब सात साल का हुआ तो उसके पैरों की नसों में खिंचाव होने लगा। ऐड़ी उठाकर चलने लगा और फिर वह चलते चलते ही गिरने लगा। दूसरा बेटा निर्मल जब सात साल को हुआ तो उसे भी यह बीमारी लग गई। दोनों पूरी तरह से अपाहिज हो गए और अब तीसरा बेटा अर्जुन 7 साल का होने को है वह भी एडी उठाकर चलने लगा है।
हर जगह दिखायानहीं मिली राहत
चिकित्सक के पास हर मर्ज की दवा है। लेकिन बकौल हीरालाल जयपुर के जेके लोन व सीकर में अनेक जगह चिकित्सकों को दिखाया जांचें करवाई, लेकिन दो साल पहले डॉक्टरों ने जवाब दे दिया कि इसका कोई इलाज नहीं है। हीरालाल का परिवार इतनी तंगहाली में जी रहा है कि बच्चों का इलाज करवाना तो दूर परिवार पालना भी मुश्किल हो रहा है।
Published on:
26 May 2018, 11:48 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.