
जयपुर। राजस्थान सरकार ने फ्री की सौगात क्या दी, हालात बेकाबू हो गए हैं। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। सिर फुटव्वल की नौबत आ गई है। एक-एक सीट के लिए लात-घूूंसे, डण्डे तक चल गए हैं। स्थिति पूरी तरह से बिगड़ी हुई है। हालात यह है कि फ्री के चक्कर में पैसे देकर यात्रा करने वाले भी बैरंग लौट रहे हैं।
मामला राजस्थान की रोडवेज बसों का है। इन दिनों राजस्थान में राजस्थान कर्मचारी चयन आयोग की ओर से समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) स्नातक स्तर की परीक्षा का आयोजन 27 व 28 सितम्बर को हुआ है। इसके लिए राजस्थान रोडवेज की बसों में 26 सितम्बर रात्रि बारह बजे से 29 सितम्बर रात्रि बारह बजे तक सीईटी के छात्रों के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। इस परीक्षा में लाखों परीक्षार्थी बैठे हैं।
परीक्षा के एक दिन पहले से ही राजस्थान रोडवेज बस स्टैंडों पर हालात खराब हो चुकी है। परीक्षा छूटने के बाद तो बस स्टैंड पर पैर रखने को भी जगह नहीं है।
बस की एक-एक सीट के लिए लड़ाई-झगड़े की नौबत आ गई है। छात्र बस के मुख्य द्वार से जाने की अपेक्षा बस की खिडक़ी से अंदर घुस रहे हैं। यात्री भार अधिक होने से अधिकांश व्यवस्था खराब ही नजर आई। सबसे बुरी हालात को महिला परीक्षार्थियों की है। इन्हें बस की एक सीट के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अंतिम दिन फिर बिगड़े हालात
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित समान पात्रता परीक्षा (स्नातक स्तर)-2024 का आज अंतिम दिन है। राजस्थान के अधिकांश बस स्टैंड पर स्थिति अत्यधिक अव्यवस्थित रही, जहां परीक्षार्थी बसों में चढऩे के लिए खिड़कियों से कूदते नजर आए। बस स्टैंड पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और हर कोई किसी भी तरह से बस में चढकऱ अपने घर तक पहुंचने की कोशिश करता दिखा। भीड़ इतनी अधिक थी कि बसों में पैर रखने की भी जगह नहीं बची। परीक्षा के अंतिम दिन अभ्यर्थियों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति और यात्रा में हो रही परेशानियों ने एक बार फिर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Updated on:
28 Sept 2024 05:17 pm
Published on:
28 Sept 2024 05:17 pm
