
जयपुर।
प्रदेश के नम्बर वन महिला थाना पूर्व में महिला सब इंस्पेक्टर गीता चौधरी को मंगलवार देर शाम 70 हजार रुपए रिश्वत लेते ACB ने पकड़ा। सब इंस्पेक्टर ने राशि अपनी लग्जरी कार की डिक्की में रखवाई थी।
एसीबी के एएसपी आलोक सिंघल ने बताया कि गिरफ्तार चौधरी मूलत: झुंझुनूं की है और 23 नवम्बर को ही शिप्रापथ थाने से तबादला होकर महिला थाना पूर्व आई थी। आरोपित शिप्रापथ थाने में दर्ज मारपीट और मोबाइल व पैसे छीन लेने के मामले में एक आरोपित के केस में से नाम हटाने के एवज में राशि ले रही थी। गीता का पति विदेश में बिजनेस करता है। चौधरी का थाना प्रदेश का एकमात्र थाना है, जहां सभी स्टाफ महिला कर्मी हैं।
जांच करने बयाना गई, तब मांगी रिश्वत
आरोपित सब इंस्पेक्टर चौधरी प्रकरण की जांच करने बयाना निवासी केशव उर्फ मोहित के घर पहुंची, तब ही उसके परिजनों से रिश्वत मांगी। 19 नवम्बर को बयाना निवासी माधव राव ने एसीबी में डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने की शिकायत दी। सत्यापन में पता चला कि 21 नवम्बर को आरोपित ने 10 हजार रुपए रिश्वत ली और राशि बाद में देना तय हुआ।
वर्तमान जांच अधिकारी के नाम पर वसूली
आरोपित चौधरी का तबादला महिला थाना पूर्व में हो गया, इसके बाद वह शिप्रापथ थाने में वर्तमान जांच अधिकारी राजेन्द्र मीणा से बात हो जाने की कहकर रिश्वत की शेष राशि मांग रही थी। हालांकि फरियादी तीन बार पैसे लेकर आया, लेकिन पकड़े जाने के डर से बैरंग लौटा दिया। मंगलवार को फरियादी को महिला थाने पर ही बुला लिया था और रिश्वत के 70 हजार रुपए कार की डिक्की में रखवा लिए।
15 फाइलों की भी होगी जांच
शिप्रा पथ थाने में वर्तमान जांच अधिकारी को करीब 15 फाइलें दी गई हैं। इनमें से करीब सालभर पदस्थ रहने के दौरान गीता के पास कितनी थी, इसकी भी एसीबी पड़ताल कर रही है।
दो लोग हो चुके गिरफ्तार
उक्त प्रकरण में शिप्रापथ थाना पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। मामला घनश्याम मीणा ने दर्ज कराया था, जिसमें केशव व पांच अन्य आरोपितों के खिलाफ रिद्धि-सिद्धि पर मारपीट कर मोबाइल व रुपए छीन ले जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में दो लोगों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी, जबकि चार अन्य फरार चल रहे थे।
बड़ी मेहनत से बनाया था नंबर वन
महिला थाने में रिश्वत लिए जाने की सूचना पर थानाधिकारी बीना सिंह भी मौके पर पहुंच गई। तभी उनका मोबाइल बजा तो उन्होंने फोन करने वाले को कहा कि सर बड़ी मेहनत से प्रदेश का नंबर वन थाना बनाया था, मेरे थाने का मामला भी नहीं है, लेकिन थाना बदनाम हो गया।
Published on:
13 Dec 2017 08:34 am
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